बजाग मड़ई में उमड़ा जनसैलाब, जमकर हुई खरीदारी और मनोरंजन

दैनिक रेवांचल टाइम्स बजाग – आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र की प्रसिद्ध बजाग मड़ई में पहले ही दिन भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि गुरुवार से शुरू हुए इस पारंपरिक मेले में लोगों ने न केवल जमकर खरीदारी की, बल्कि मनोरंजन का भी भरपूर आनंद उठाया। दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों से पहुंचे लोगों ने मड़ई भ्रमण के दौरान दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीद-फरोख्त की।
गौरतलब है कि तहसील मुख्यालय बजाग में प्रतिवर्ष मड़ई का आयोजन किया जाता है, जो लगभग एक सप्ताह तक चलता है। इस प्रसिद्ध आयोजन में आसपास के जिलों से भी व्यापारी अपनी दुकानें लेकर पहुंचते हैं। आदिवासी एवं नगरीय क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में शामिल होकर मेले का लुत्फ उठाते हैं। ग्रामीण जन इस आयोजन को पारंपरिक और ऐतिहासिक रूप से मनाते आ रहे हैं। हालांकि बदलते समय के साथ पहले जैसी भीड़ अब नहीं रहती, जिससे व्यावसायिक गतिविधियों में कुछ कमी देखने को मिलती है, फिर भी मड़ई को लेकर लोगों का उत्साह आज भी बरकरार है।
मड़ई के पहले दिन अप्रत्याशित भीड़ देखने को मिली। आसपास के ग्रामीण अंचलों से आए अहीरों ने ढोल-मांदर की थाप पर पारंपरिक अहीर नृत्य प्रस्तुत किया। नृत्य से प्रसन्न होकर दुकानदारों एवं परिचितों ने नृत्य दल को अपनी स्वेच्छा से राशि और सामग्री भेंट की। वहीं आदिवासी समुदाय ने भी मड़ई का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे ग्रामीणों की टोलियों ने नगर परिक्रमा की, हाथों में मोरपंख लिए नृत्य करते नजर आए।
रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना कर चंडी ब्याही गई। मान्यता है कि एक दिन पूर्व कुलदेवी की पूजा कर नगर में मड़ई का भ्रमण कराया जाता है। इस दौरान श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ टोली पर पीले चावल एवं उड़द की दाल छिड़ककर रोग-दोष से मुक्ति की कामना की।
नगर के मुख्य मार्गों के किनारे तथा बीआरसी मैदान में व्यापारियों ने विभिन्न प्रकार की दुकानें सजाईं। वहीं कबीर मोहल्ले के समीप मैदान में झूले, सर्कस एवं खेल-करतब लगाए गए, जिनका बच्चों और युवाओं ने जमकर आनंद लिया। मिठाई एवं पकवानों की दुकानों पर भी खासी भीड़ रही, लोगों ने अपनी पसंद की मिठाइयाँ खरीदीं और खुशी-खुशी बांटी।
मड़ई के दूसरे दिन शुक्रवार को गुदरी मड़ई का आयोजन होगा, जिसमें हार्डवेयर, ज्वेलरी और बर्तन की दुकानों पर खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। विशाल जनसमूह को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए नगर पुलिस बल द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है।
कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि से प्रारंभ हुआ यह आयोजन लगभग एक सप्ताह तक चलेगा। मड़ई में बच्चे, बूढ़े और युवा—हर वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर परंपरा और संस्कृति का आनंद उठाया