किसान कल्याण वर्ष 2026: बादगांव में गूँजा संकल्प, “नरवाई जलाएंगे नहीं, खाद बनाएंगे
*किसान कल्याण वर्ष 2026: बादगांव में गूँजा संकल्प, “नरवाई जलाएंगे नहीं, खाद बनाएंगे”*
*चौरई के बादगांव में भव्य कार्यशाला आयोजित; किसानों ने ली नरवाई न जलाने की शपथ*
*मूंग की जगह उड़द लगाने की सलाह, सुपर सीडर तकनीक में छिंदवाड़ा जिला प्रदेश में अव्वल*

*रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा*
*जितेन्द्र अलबेला*
शासन के निर्देशानुसार वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर हरेन्द्र नारायन के मार्गदर्शन में गुरुवार को तहसील चांद के ग्राम बादगांव में नरवाई (पराली) प्रबंधन पर एक वृहद कार्यशाला संपन्न हुई। इस दौरान किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने और आधुनिक यंत्रों के उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।
मिट्टी की उर्वरता बचाना सामूहिक जिम्मेदारी
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उप संचालक कृषि जितेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि नरवाई जलाने से जमीन के मित्र कीट मर जाते हैं और मिट्टी अपनी शक्ति खो देती है। उन्होंने किसानों को ग्रीष्मकालीन फसल में मूंग के स्थान पर उड़द लगाने की विशेष सलाह दी।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) प्रभात मिश्रा ने किसानों को प्रेरित करते हुए कहा, “नरवाई जलाएं नहीं, बल्कि आधुनिक यंत्रों की मदद से इसका उचित प्रबंधन कर इसे जैविक खाद में बदलें।”
*सुपर सीडर तकनीक में छिंदवाड़ा ने गाड़े झंडे*
सहायक कृषि यंत्री समीर पटेल ने बताया कि नरवाई प्रबंधन के लिए सुपर सीडर मशीन मील का पत्थर साबित हो रही है। छिंदवाड़ा जिला इस तकनीक के उपयोग में पूरे प्रदेश में अग्रणी है। वर्तमान में जिले में 500 सुपर सीडर उपलब्ध हैं, जिनमें से 10 अकेले बादगांव में ही संचालित हैं। इसके अलावा हैप्पी सीडर, स्ट्रा रीपर और एसएमएस (SMS) तकनीक की कार्यप्रणाली भी समझाई गई।
*कृषि रथ और धरती माता बचाओ अभियान*
कार्यक्रम में पहुँचे ‘कृषि रथ’ के माध्यम से वैज्ञानिकों ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और एकीकृत कीट प्रबंधन की जानकारी दी। ‘धरती माता बचाओ’ अभियान के तहत संतुलित उर्वरक उपयोग की शपथ भी दिलाई गई। ई-विकास प्रणाली के जरिए ई-टोकन उर्वरक वितरण की नई व्यवस्था से भी किसानों को अवगत कराया गया।
*प्रमुख उपस्थिति*
कार्यशाला में पशुपालन विभाग के उप संचालक एचजीएस पक्षवार, उद्यानिकी उप संचालक एम एल उइके, केवीके चंदनगांव के डॉ. आर के झाडे, देलाखारी के डॉ. आर एल राउत, नाबार्ड जिला प्रबंधक श्रीमती श्वेता सिंह सहित भारी संख्या में प्रगतिशील किसान और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन किसानों द्वारा सामूहिक रूप से नरवाई न जलाने के संकल्प के साथ हुआ।