समाज की संवेदना बनी ठंड में कांपती ज़िंदगियों की ढाल
‘हमारा कपड़ा बैंक डिपो अभियान’—जहाँ पुराने कपड़ों से नई उम्मीद ने जन्म लिया
दैनिक रेवांचल टाइम्स
,,,,,,, की रिपोर्ट
बकानी/झालावाड़ 09 फरवरी 2026
जब सर्द हवाएँ हड्डियों तक चुभ रही थीं और रातें गरीबों के लिए और भी लंबी होती जा रही थीं,तब समाज की संवेदनशील सोच ने मानवता की मिसाल पेश की।झालावाड़ जिले की बकानी में संचालित ‘हमारा कपड़ा बैंक डिपो अभियान’ ने ठंड से जूझ रहे जरूरतमंद परिवारों के जीवन में गर्माहट घोल दी। प्रति चार माह में एक संचालित होने वाला यह सेवा अभियान केवल वस्त्र वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सम्मान, अपनत्व और करुणा का जीवंत उदाहरण बन गया।अभियान के संचालक समाजसेवी श्याम कुशवाह एवं विपिन उपाध्याय ने बताया कि समाज के सहयोग से सैकड़ों जरूरतमंद पुरुषों, महिलाओं और मासूम बच्चों तक गर्म कपड़े सम्मानपूर्वक पहुँचाए गए। सर्द रातों में जब ठंड से कांपते हाथों में गर्म स्वेटर, शॉल और कंबल पहुँचे, तो चेहरों पर जो मुस्कान खिली—वह किसी पुरस्कार से कम नहीं थी। बुजुर्गों की आंखों में आभार था, बच्चों के चेहरों पर राहत, और माताओं के मन में यह भरोसा कि समाज अभी ज़िंदा है। इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता रही—समाज की सामूहिक भागीदारी वा कपड़ों को वितरण के दौरान फोटो का ना लेना।किसी ने पुराने लेकिन उपयोगी कपड़े दिए, किसी ने समय और श्रम लगाया, तो किसी ने सेवा का संकल्प लिया।घर-घर जाकर कपड़े एकत्र करना और उन्हें सही जरूरतमंदों तक पहुँचाना—यही इस अभियान की असली सफलता रही। अब जब यह अभियान अपने चरणबद्ध विराम की ओर है, तब यह स्पष्ट हो गया है कि संवेदनशील समाज कभी किसी को ठंड में अकेला नहीं छोड़ता। भले ही यह अभियान अस्थायी रहा हो, लेकिन इसने समाज के दिलों में स्थायी मानवीय चेतना जगा दी है। आपका एक कपड़ा, किसी की पूरी सर्दी बचा सकता है, यदि आप भी इस मानवीय सेवा में सहभागी बनना चाहते हैं, तो अपने पुराने किंतु उपयोगी कपड़े दान कर सकते हैं। संपर्क करें 78777 94666 क्योंकि—दान सिर्फ देना नहीं, किसी की ज़िंदगी में गर्माहट भरना है।