पशु स्वास्थ्य को लेकर बड़ी पहल: मोहतरा में लगा टीकाकरण एवं बांझपन निवारण शिविर
सैकड़ों पशुपालकों को मिला सीधा लाभ

डिंडोरी । पशुपालन विभाग द्वारा ग्राम पंचायत मोहतरा (चुनपथरी) में पशुपालकों के हित में टीकाकरण एवं बांझपन निवारण शिविर का भव्य आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी डॉ. पल्लवी परते के मार्गदर्शन में किया गया।
शिविर में आसपास के ग्रामीण अंचलों से सैकड़ों की संख्या में पशुपालक अपने पशुओं के साथ पहुंचे। शिविर स्थल पर पशुपालकों की भारी भीड़ देखने को मिली, जिससे क्षेत्र में पशु स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
शिविर के दौरान पशु चिकित्सकों एवं विभागीय कर्मचारियों की टीम द्वारा गाय, भैंस, बकरी सहित अन्य पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण, उपचार एवं बधियाकरण किया गया। साथ ही पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी शारीरिक स्थिति की जांच की गई। बीमार पाए गए पशुओं को आवश्यक दवाइयां दी गईं तथा गंभीर मामलों में आगे के उपचार हेतु उचित मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस अवसर पर पशुपालकों को पशुओं में होने वाली सामान्य एवं संक्रामक बीमारियों, उनके लक्षण, बचाव के उपाय तथा समय पर टीकाकरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके अलावा संतुलित आहार, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, उचित पशु आवास एवं मौसम के अनुसार देखभाल को लेकर भी आवश्यक परामर्श दिया गया।
*बांझपन निवारण शिविर का मुख्य उद्देश्य*
शिविर का उद्देश्य पशुओं को रोगों से सुरक्षित रखना, पशुधन की उत्पादकता बढ़ाना एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। इस प्रकार के शिविरों से पशुपालकों को अपने पशुओं की जांच एवं उपचार के लिए दूर शहरों तक नहीं जाना पड़ता, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होती है।
शिविर में पहुंचे पशुपालकों ने पशुपालन विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे पशुओं को समय पर उपचार मिल सके और पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. पल्लवी परते (पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी, विकासखंड करंजिया), सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी डॉ. राजीव सिंह, डॉ. संतोष कुमार आर्मो, गौसेवक पतिराम धुर्वे, जोहन सिंह मरावी, भवर सिंह मरावी तथा मोबाइल वेटरनरी यूनिट स्टाफ—VO डॉ. बालेंद्र प्रताप, पैरावेट जितेंद्र सिंह एवं संतोष कुमार प्रजापति का सराहनीय योगदान रहा।
*इनका कहना है*
“पशुपालकों को पशुओं में होने वाले रोगों की जानकारी दी गई तथा समय पर टीकाकरण का महत्व समझाया गया। दुधारू पशुओं में उत्पादन बढ़ाने हेतु बांझपन निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें पशुओं का उपचार एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान कराने की भी सलाह दी गई।”
— डॉ. पल्लवी परते
पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी, विकासखंड करंजिया, डिंडोरी