इन लोगों को भूलकर भी नहीं देखना चाहिए होलिका दहन, जानिए इस दिन क्या करना पड़ सकता है भारी

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अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का दिव्य प्रतीक’होलिका दहन’ इस बार 3 मार्च को मनाया जा रहा है। सनातन धर्म में होलिका दहन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि, इस दिन भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद की रक्षा हुई और होलिका अग्नि में भस्म हो गई। इसलिए होलिका की अग्नि को नकारात्मकता को दूर करने वाली शक्ति के रूप में देखा जाता है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में कुछ लोगों को जलती हुई होलिका को देखने के लिए मना किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि नियमों की अनदेखी करने पर मानसिक या पारिवारिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।

किन लोगों को होलिका दहन की अग्नि नहीं देखना चाहिए?

  • गर्भवती महिलाएं

हिन्दू लोक परंपरा के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को होलिका दहन की अग्नि देखने से बचना चाहिए। धार्मिक एवं आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से होलिका दहन के समय नकारात्मक शक्तियां अधिक सक्रिय होती हैं, जो गर्भ में पल रहे बच्चे पर बुरा प्रभाव डाल सकती हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से, होलिका की भारी गर्मी और उससे निकलने वाला धुआं मां और बच्चे के सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

  • नवजात शिशु

गर्भवती महिलाओं के अलावा, नवजात और बहुत छोटे बच्चों को भी होलिका दहन नहीं देखना चाहिए। तेज आग, भीड़ और धुएं के कारण बच्चों को नुक्सान हो सकती है। इसलिए उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें ऐसे स्थानों से दूर रखना बेहतर समझा जाता है।

  • नवविवाहित महिलाएं

धर्म एवं लोक शास्त्रों के अनुसार, जिन महिलाओं की शादी के बाद पहली होली है, उन्हें जलती हुई होलिका देखने की मनाही होती है।

ऐसी मान्यता है कि नवविवाहिता द्वारा इसे देखना उसके वैवाहिक जीवन में कलह व दुर्भाग्य का कारण बन सकता है। कुछ क्षेत्रों में होलिका की अग्नि सास और बहू को भी साथ में जलते हुए नहीं देखना चाहिए।

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