समस्याओं के दलदल में धंसता मंडला, जवाबदारों की चुप्पी पर जनता का फूटा गुस्सा
बिंदुवार उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग
दैनिक रेवांचल टाइम्स – मंडला।आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में विकास के दावों की हकीकत अब खुलकर सामने आने लगी है। चारों तरफ अव्यवस्थाओं का साम्राज्य फैल चुका है और जिम्मेदार विभाग गहरी निष्क्रियता में डूबे नजर आ रहे हैं। हालत यह है कि आम नागरिक मूलभूत सुविधाओं के लिए भटक रहा है, जबकि कागजों में योजनाएं पूरी दिखाकर वाहवाही लूटी जा रही है। लगातार शिकायतों और समाचार प्रकाशन के बाद भी कार्रवाई न होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है।
जनता ने अब पूरे मामले में उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की आवाज तेज हो गई है।
बिंदुवार जिन मामलों की जांच की मांग
जिले भर में जर्जर सड़कों के निर्माण व मरम्मत में हुई लापरवाही और खर्च की गई राशि की गुणवत्ता जांच।
शासकीय भवनों के मरम्मत व रंग-रोगन के नाम पर हुए व्यय का भौतिक सत्यापन।
तालाबों के गहरीकरण, नए तालाब निर्माण और जल संरक्षण कार्यों की जमीनी हकीकत की जांच।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अधूरे मकानों, नई स्वीकृतियों में देरी और कथित गड़बड़ियों की जांच।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को ओडीएफ घोषित किए जाने की वास्तविक स्थिति का सर्वे।
शौचालय निर्माण में हुई अनियमितताओं और अधूरे निर्माण कार्यों की जांच।
राजस्व प्रकरणों के लंबित रहने, पटवारियों व राजस्व निरीक्षकों के मुख्यालय में अनुपस्थित रहने की जांच।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में पात्र किसानों के पंजीयन में लापरवाही की जांच।
जल जीवन मिशन के कार्यों, पाइपलाइन, टंकियों और पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता जांच।
नर्मदा तट विकास कार्यों में खर्च राशि और वास्तविक कार्यों का मिलान।
साक्षर भारत मिशन के प्रेरकों को काम न दिए जाने और योजनाओं के कागजी संचालन की जांच।
अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण व पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति लंबित रहने के कारणों की जांच।
स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर, एएनएम की अनुपस्थिति और दवाओं की उपलब्धता की जांच।
आयुर्वेदिक औषधालयों में दवाओं की खपत और स्टॉक रजिस्टर का ऑडिट।
आंगनबाड़ी एवं आरोग्य केंद्रों की वास्तविक स्थिति की जांच।
मनरेगा कार्यों में सीमित रोजगार, भुगतान लंबित और गुणवत्ता की जांच।
मध्यान्ह भोजन समूहों के भुगतान में देरी और राशन आपूर्ति की जांच।
ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक सहित मैदानी अमले की मुख्यालय में अनुपस्थिति की जांच।
जिले में संचालित अवैध स्टोन क्रेशरों और खनिज संपदा की लूट में विभागीय मिलीभगत की जांच।
सट्टा, जुआ और अवैध शराब कारोबार पर कार्रवाई न होने के कारणों की जांच।
किसानों से विद्युत कनेक्शन के नाम पर की जा रही अवैध वसूली की जांच।
जिला जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित समाचारों पर कार्रवाई न करने की कार्यप्रणाली की जांच।
प्राइवेट स्कूलों की जांच और सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता का मूल्यांकन।
संकल्प से समाधान, ग्राम उदय से अभ्युदय, जल संरक्षण एवं राजस्व महाअभियान की वास्तविक उपलब्धियों की जांच।
जनता का प्रशासन से सीधा सवाल
जब हर योजना का बजट आ रहा है, हर अभियान का प्रचार हो रहा है, तो फिर जमीनी स्तर पर हालात बद से बदतर क्यों हैं?
कागजों में विकास और धरातल पर अव्यवस्था—इस अंतर का जिम्मेदार कौन?
वही नागरिकों का कहना है कि यदि शीघ्र ही उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापक जनआंदोलन की स्थिति निर्मित होगी।
मंडला की जनता अब आश्वासन नहीं, कार्रवाई और जवाबदेही चाहती है।