तालाब फोड़ने वाले को मिला सरकारी संरक्षण…?
शिकायत वापस कराकर भी नहीं हुआ निराकरण, जिम्मेदारों पर उठे सवाल
दैनिक रेवांचल टाइम्स – मंडला।जिले में अवैध कार्यों को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ताजा मामला तहसील नैनपुर के ग्राम परसवाड़ा का है, जहां बरसात से पहले शासकीय तालाब को तोड़े जाने की घटना अब भी चर्चा का विषय बनी हुई है। आरोप है कि निवारी नैनपुर निवासी रोहित ठाकुर द्वारा सरकारी तालाब को नुकसान पहुंचाया गया, जिससे बरसात में तालाब पूरी तरह फूट गया और जल संरचना को भारी क्षति पहुंची।
इस मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में की गई थी, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय संबंधित नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक द्वारा शिकायतकर्ता पर दबाव बनाकर शिकायत वापस करवा ली गई। आश्वासन दिया गया कि जल्द ही तालाब का सुधार कार्य कराकर मामले का निराकरण कर दिया जाएगा, मगर लंबा समय बीत जाने के बाद भी न तो तालाब की मरम्मत हुई और न ही दोषी के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई की गई।
अब शिकायतकर्ता ने पुनः शिकायत दर्ज कराते हुए संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। साथ ही शासकीय तालाब की तत्काल मरम्मत तथा तालाब को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्ति पर राजस्व एवं दंडात्मक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शासकीय जलस्रोतों की सुरक्षा इसी तरह लापरवाही और संरक्षण के सहारे होती रही तो जल संरक्षण के सभी दावे खोखले साबित होंगे। यह मामला न केवल शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का है, बल्कि शिकायतों को दबाने की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
जनअपेक्षा है कि प्रशासन इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे और तालाब का पुनर्निर्माण शीघ्र कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।