आखिर क्या कर रहे सांसद, विधायक, जनपद और जिला पंचायत सदस्य…?

मंडला में बदहाल शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार पर जनता का सीधा सवाल – विकास कार्यों का हिसाब मांगा

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दैनिक रेवांचल टाइम्स, मंडला।चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे और विकास के दावे करने वाले जनप्रतिनिधियों से अब मंडला जिले की जनता जवाब मांग रही है। सांसद, विधायक, जनपद सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आम नागरिकों का आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद जनसमस्याओं की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क की हालत पर उठे सवाल
जिले में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, जर्जर सड़कें, कमजोर यातायात व्यवस्था और रोजगार के सीमित अवसरों को लेकर लगातार आवाज उठ रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में गंदगी, बीमारी, बेरोजगारी और अव्यवस्थाओं को लेकर लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
“विकास हुआ तो दिख क्यों नहीं रहा?”
लोगों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास कार्य कराए गए हैं तो उनकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं हो रही। कौन-कौन से कार्य स्वीकृत हुए, कितनी राशि आई और कहां खर्च हुई — इसका स्पष्ट ब्यौरा सामने नहीं आ रहा है। पारदर्शिता के अभाव में संदेह और असंतोष बढ़ रहा है।
निष्क्रियता का फायदा उठा रहा तंत्र?
जनचर्चा में यह बात भी सामने आ रही है कि जनप्रतिनिधियों की कथित निष्क्रियता के कारण सरकारी तंत्र मनमानी, लापरवाही और धांधली पर उतारू है। निगरानी और जवाबदेही के अभाव में योजनाओं का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा।
जनता की मांग – काम का सार्वजनिक रिपोर्ट कार्ड
नागरिकों का कहना है कि
जनप्रतिनिधि अपने कार्यों का विवरण सार्वजनिक करें
नियमित क्षेत्रीय दौरे करें
जनसमस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें
“जनप्रतिनिधि जागें” – बढ़ती जनअपेक्षा
फिलहाल जिले में एक ही सवाल गूंज रहा है —
“आखिर हमारे जनप्रतिनिधि कर क्या रहे हैं?”
लोगों को उम्मीद है कि जनप्रतिनिधि शीघ्र सक्रिय होकर विकास कार्यों की गति तेज करेंगे और जनता के बीच आकर जवाब देंगे।

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