बीजाडांडी के दूरस्थ अंचलों में उत्साहपूर्वक मनाया गया राष्ट्रीय विज्ञान दिवस
20 शिक्षा केंद्रों सहित 35 संस्थानों में आयोजन, 508 प्रतिभागियों की रही सक्रिय सहभागिता
दैनिक रेवांचल टाइम्स, मंडला, जिले के विकासखंड बीजाडांडी के दूरस्थ क्षेत्रों में 28 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। एकलव्य एवं ऑरेकल के सहयोग से संचालित 20 शिक्षा प्रोत्साहन केंद्र, 12 टेमिल केंद्र तथा 3 माध्यमिक शालाओं में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 508 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 438 बच्चे, 42 युवा और 28 समुदाय के सदस्य शामिल रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए की गई। वालेंटियर साथियों ने बच्चों को महान वैज्ञानिक सी. वी. रमन की ऐतिहासिक खोज ‘रमन प्रभाव’ के बारे में बताया, जिसके लिए उन्हें 28 फरवरी 1930 को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। बच्चों को सरल एवं संवादात्मक शैली में समझाया गया कि विज्ञान हमारे दैनिक जीवन, प्रकृति और परिवेश के हर पहलू में मौजूद है तथा यह जिज्ञासा, प्रयोग और सत्य की खोज की प्रेरणा देता है।
गतिविधि आधारित प्रयोगों से बच्चों ने सीखा विज्ञान
आयोजन के दौरान बच्चों को गतिविधि आधारित प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान की अवधारणाएँ समझाई गईं।
ओरिगेमी पेपर से नाव और मछली बनाकर पानी में उनके व्यवहार का अवलोकन कराया गया। नाव के माध्यम से जल में गति (वेग) की अवधारणा को समझाया गया, वहीं मछली के जरिए जल में श्वसन प्रक्रिया एवं जीवों के अनुकूलन की जानकारी दी गई।
चाय के डिस्पोजल कप और धागे से ‘टेलीफोन’ का मॉडल तैयार कर ध्वनि तरंगों का व्यवहारिक प्रदर्शन किया गया, जिससे बच्चों ने अनुभव किया कि कंपन के माध्यम से ध्वनि एक स्थान से दूसरे स्थान तक कैसे पहुँचती है।
गीत, खेल और सामूहिक गतिविधियों से बना आनंदमयी वातावरण
समापन अवसर पर बच्चों के साथ सामूहिक मैदानी खेल, पारंपरिक समूह गीत एवं आनंदमयी गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
“हाय रे कसम बाजारा” और “तेरी कसम बाजारा” जैसे गीतों के साथ बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। इन गतिविधियों से न केवल सीखने का वातावरण बना, बल्कि सहयोग, सामूहिकता और आत्मविश्वास की भावना भी विकसित हुई।