पेट्रोल पंप संचालक दिखा रहे प्रशासन को ठेंगा, बिना हेलमेट वालों को धड़ल्ले से मिल रहा पेट्रोल

कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देशों के बाद भी नियमों की उड़ रही धज्जियां, जांच की उठी मांग

 

दैनिक रेवांचल टाइम्स – मंडला। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा चलाई गई सख्त मुहिम को अब खुद पेट्रोल पंप संचालक ही ठेंगा दिखाते नजर आ रहे हैं। बिना हेलमेट दोपहिया चालकों को पेट्रोल न देने के स्पष्ट आदेश के बावजूद नगर सहित आसपास के कई पेट्रोल पंपों में खुलेआम नियमों की अनदेखी की जा रही है और बिना हेलमेट बाइक चालकों को धड़ल्ले से पेट्रोल दिया जा रहा है।

दरअसल, सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती मौतों और गंभीर चोटों को रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने हेलमेट को अनिवार्य करने के लिए सख्त कदम उठाए थे। 5 फरवरी 2026 को जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा की उपस्थिति में जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में साफ चेतावनी दी गई थी कि बिना BIS मानक हेलमेट पहने दोपहिया चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा, अन्यथा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पेट्रोल पंपों पर उच्च गुणवत्ता के CCTV कैमरे लगाने और नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए गए थे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया था कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर पेट्रोल पंप को सील करने, भारी जुर्माना लगाने और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में भारतीय स्टेट बैंक शाखा के पास संचालित शर्मा पेट्रोल पंप, खैरी स्थित गणेश पेट्रोल पंप तथा महाराजपुर पौड़ी क्षेत्र के पेट्रोल पंपों में खुलेआम बिना हेलमेट बाइक सवारों को पेट्रोल दिया जा रहा है। यह न सिर्फ नियमों की अनदेखी है बल्कि प्रशासनिक आदेशों की सीधी अवमानना भी मानी जा रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब प्रशासन स्वयं हेलमेट को लेकर सख्ती दिखा रहा है, तो पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा इस तरह की मनमानी गंभीर सवाल खड़े करती है। लोगों का आरोप है कि यहां कई तरह की अनियमितताओं की भी आशंका है — जैसे पेट्रोल की पूरी मात्रा दी जा रही है या नहीं, पेट्रोल की गुणवत्ता में कहीं मिलावट तो नहीं, CCTV व्यवस्था वास्तविक है या सिर्फ दिखावा, और कहीं पंप शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर तो संचालित नहीं हो रहा।

नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि संचालन पूरी तरह नियमों के अनुसार हो रहा है या नहीं। साथ ही बिना हेलमेट वालों को पेट्रोल देने के मामलों की भी जांच कर दोषी पाए जाने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वही जनता का कहना है कि हेलमेट सिर्फ एक नियम नहीं बल्कि जान बचाने की सुरक्षा कवच है। ऐसे में नियमों को ताक पर रखकर पेट्रोल देने वाले संचालक न केवल प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं बल्कि लोगों की जान के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है और नियमों की अनदेखी करने वालों पर कब तक कार्रवाई होती है।

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