जल जीवन मिशन पर दाग लगा रही ठेका कंपनी, काम में लापरवाही से अटक रही योजना
हलोन समूह जल प्रदाय योजना में गड़बड़ियों के आरोप, पेटी ठेकेदारों का भुगतान अटका—सामग्री चोरी के भी उठे सवाल

दैनिक रेवांचल टाइम्स – मंडला।मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना, जिसका उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, मंडला जिले में अब सवालों के घेरे में आती दिखाई दे रही है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की शाखा जल निगम मर्या. संस्था के माध्यम से संचालित हलोन समूह जल प्रदाय योजना के तहत गांव-गांव तक पानी पहुंचाने का काम दिया गया है, लेकिन कार्य की धीमी गति और कथित अनियमितताओं के कारण योजना का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है।
इस परियोजना का ठेका Kalpataru Projects International Limited को दिया गया है। आरोप है कि कंपनी संतोषजनक ढंग से कार्य नहीं कर पा रही है, जिसके चलते शासन की यह महत्वपूर्ण योजना प्रभावित हो रही है और ग्रामीणों को अब भी पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
गुमराह कर कम दरों पर दिए गए काम
जानकारी के अनुसार कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई तरह के आरोप सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि मंडला जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में कंपनी ने कई स्थानीय ठेकेदारों को बड़े-बड़े सपने दिखाकर काम दिलाने का भरोसा दिया और फिर उन्हें शासन के निर्धारित एस.ओ.आर. (Schedule of Rates) से काफी कम दरों पर काम दे दिया।
कम दरों पर काम मिलने के कारण कई पेटी ठेकेदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। स्थिति ऐसी बनी कि कई ठेकेदारों ने काम बीच में ही छोड़ दिया।
भुगतान अटका, सामग्री चोरी के आरोप
स्थानीय ठेकेदारों का आरोप है कि जब उन्होंने काम बंद कर दिया तो कंपनी द्वारा उनका बकाया भुगतान किए बिना ही अन्य लोगों से काम शुरू करा दिया गया। इतना ही नहीं, पुराने ठेकेदारों द्वारा साइट पर रखी गई सामग्री भी कथित तौर पर गायब हो गई। आरोप है कि कंपनी के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से यह सामग्री चोरी कराई गई।
यह भी आशंका जताई जा रही है कि विभाग से संबंधित पाइप और अन्य सामग्री की भी हेराफेरी हो सकती है। इस तरह के कई मामलों की शिकायत थाने तक पहुंच चुकी है और कुछ प्रकरण दर्ज भी हुए हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता ही दिखाई दे रही है।
योजना पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि समय रहते इस योजना की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली की जांच नहीं कराई गई तो सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग और जिला प्रशासन इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए, ठेकेदारों के भुगतान और कार्य की गुणवत्ता की समीक्षा करे तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित कंपनी और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि ग्रामीणों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का उद्देश्य समय पर पूरा हो सके।