पाँच साल की गारंटी वाली सड़क पांच माह में ही तोड़ रही दम, हल्की बारिश में फट गई डामर सड़क

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बारिश ने दिखा दिया,निर्माण एजेंसी का भ्रष्टाचार

रेवांचल टाईम्स – सरकार गाँव गाँव को मुख्यालय से सड़कों के माध्यम से जोड़ रही है पर जिम्मेदार विभाग और ठेकेदार की जुगलबंदी विकास कार्यो में कितनी गुणवत्ता से कार्य किये जा रहे है यह तो मौका और जमी पर ही नजर आ रहा हैं जो सड़के सालो के लिए बन रही वह महज चन्द दिनों में दम तोड़ती नजर आ रही है जिसका ताजा उदाहरण आदिवासी के वनाच्छादित क्षेत्र के सारंगपुर से तुर्री टोला मार्ग का मामला जहा पर ग्रामीणों ने लगाए थे घटिया निर्माण के आरोप
बजाग मुख्यालय के समीपी ग्राम सारंगपुर से बैगा बस्ती तुर्री टोला तक पी एम जनमन योजना के तहत पी एम जी एस वाय से एक महीने पहले बनाई गई डामरीकृत सड़क की गुणवत्ता हल्की बारिश में ही देखने को मिल गई है इस मार्ग पर आमाटोला के नजदीक नवनिर्मित सड़क में लंबी दरारें आ गई है नतीजतन लगभग दो मीटर सड़क फट गई है पहली बारिश में ही नवनिर्मित सड़क पर इस्तेमाल किए गए डामर की गुणवत्ता की पोल खुल गई है गौरतलब है कि निर्माण के दौरान ही ग्रामीणों ने खराब सड़क बनाए जाने के आरोप लगाए थे जिसके बाद भी संबंधित विभाग के अधिकारियों ने सड़क की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया। और बारिश होते ही एक माह के भीतर सड़क दरकने लगी है निर्माण एजेंसी द्वारा सड़क के निर्माण में तय मापदंडों का पालन नहीं किया गया। और मनमाने ढंग से कार्य कराए जाने से यह स्थिति बन रही है सड़क में दरारें देख ग्रामीणों ने निर्माण कंपनी पर घटिया कार्य कराए जाने के फिर से आरोप लगाए है लोगो का कहना है कि कितनी मजबूती से कार्य किया गया है इसका परिणाम एक माह में हल्की बारिश होते ही सामने देखने को मिल गया।यही हाल रहा तो यह सड़क साल भर भी नहीं टिक पाएगी और सरकार द्वारा जनहित में विकास कार्यों के लिए खर्च की गई राशि से भ्रष्टाचारियों की जेब गर्म भर हो जाएगी।

अत्यन्त पिछड़ी जनजाति की बसाहटो तक सुलभ आवागमन के उदेश्य से करोड़ों रुपए की लागत खर्च कर यह मार्ग बनाया गया था जो कि भ्रष्टाचार की भेट चढ़ते नजर आ रहा है। एक माह पहले ही लगभग साढ़े तीन किमी की लंबाई वाली सड़क में डामर बिछाने का कार्य किया गया था। सड़क के निर्माण के दौरान ही गुणवत्ताहीन बनाए जाने के आरोप भी ग्रामीणों द्वारा लगाए गए थे बावजूद इसके संबंधितों ने जांच के नाम पर खानापूर्ति कर सड़क की गुणवत्ता को सही ठहराया है जिसका उदाहरण आमा टोला के नजदीक सड़क पर आई दरारें है सड़क पर डामर बिछाए जाने के दौरान ही कई विसंगतियां सामने आई थी बनने के कुछ दिन बाद ही सड़क का डामर कई स्थानों पर उखड़ने लगा था ग्रामीणों ने बताया कि डामर बिछाने के बाद सही तरीके से रोलर चलाकर सड़क को नहीं दबाया गया है सड़क किनारे मिट्टी मुरूम डालकर पटरियों का निर्माण किया गया वह भी बारिश में बहने की कगार में है ग्रामीणों ने घटिया सड़क के निर्माण पर संबंधित निर्माण एजेंसी के कार्य की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्यवाही की मांग की है।

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