भक्ति के साथ प्रकृति संरक्षण का संकल्प हनुमान जन्मोत्सव पर सौसर से जामसांवली तक निकली पदयात्रा

जलगंगा संवर्धन और पर्यावरण सुरक्षा का दिया संदेश, मार्ग में लगे वृक्षों का किया पूजन
रेवांचल टाइम्स सौसर
जितेन्द्र अलबेला
श्री हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर धर्म और पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा संगम देखने को मिला। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड सौसर के जिला समन्वयक अखिलेश जैन एवं विकासखंड समन्वयक अनिल बोबडे के मार्गदर्शन में, सामाजिक नवांकुर संस्था ‘यूथ ऑफ सौसर एसोसिएशन’ द्वारा एक भव्य पदयात्रा का आयोजन किया गया।
ब्रह्म मुहूर्त में पर्यावरण प्रेमी और वृक्ष मित्र अरुण गुरुजी ठाकरे के सानिध्य में भगवान श्री हनुमान जी का विधि-विधान से पूजन कर यात्रा का शुभारंभ सौसर नगर से हुआ।
8 किलोमीटर की यात्रा में जल-संरक्षण की गूँज
यह पदयात्रा सौसर से सुप्रसिद्ध चमत्कारिक श्री जामसांवली हनुमान मंदिर,हनुमान लोक तक लगभग 8 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए निकाली गई। यात्रा के दौरान प्रतिभागी ‘जलगंगा संवर्धन अभियान’ के बैनर तले हाथों में तख्तियां लेकर जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने का संदेश देते नजर आए।
वृक्षों का पूजन और संवर्धन
यात्रा की खास बात यह रही कि पूर्व में संस्था द्वारा रोपे गए पौधे, जो अब विशाल वृक्ष बन चुके हैं, मार्ग में जगह-जगह उनका पूजन किया गया। संस्था के सदस्यों ने समाज को यह संदेश दिया कि केवल वृक्ष लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण कर उन्हें बड़ा करना ही सच्ची सेवा है।
पदयात्रा में यूथ ऑफ सौसर एसोसिएशन परिवार के 60 से अधिक सदस्य, मातृशक्ति और प्रस्फुटन समिति के सदस्य शामिल हुए। मुख्य रूप से
संस्था सदस्य कृष्ण वानखेड़े, सुरेश ठाकरे, प्रशांत वाघ, प्रमोद लोणारे, मंगेश कांबडे, मदन चावके, शामराव राऊत, शंकर कोठे, सुनील लोनकर, रतन भोयर, अमन हेडाऊ।
मातृशक्ति में डिंपल लोनकर, सुरेखा लोणारे, मीना राऊत।
नगर विकास प्रस्फुटन समिति: दिनेश पाटील, हेमंत हिवरकर, पंकज रंगारे, रवि कोठे।
नवांकुर संस्था के पदाधिकारी योगेश सोमकुंवर एवं गोपाल कोठे।
जयघोष के साथ समापन
जामसांवली हनुमान मंदिर पहुँचकर भगवान के जयकारों के साथ इस प्रभात फेरी का समापन हुआ। अंत में उपस्थित सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया। इस आयोजन ने नगर में भक्ति के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी की एक नई अलख जगाई है।