ट्रैक्टर से जनसुनवाई पहुंचे जनपद पंचायत मण्डला के उपाध्यक्ष, माँ की बगिया योजना में लाखों के भ्रष्टाचार का लगाया आरोप
हितग्राहियों से 15-15 हजार रुपये लेने, महंगे पौधे और सामग्री खरीद में गड़बड़ी सहित कई गंभीर आरोप, कलेक्टर को सौंपा जांच का आवेदन
दैनिक रेवांचल टाइम्स – मण्डला।जनपद पंचायत मण्डला में संचालित माँ की बगिया योजना में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में मंगलवार को जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष संदीप सिंगौर अनोखे अंदाज में जनसुनवाई में पहुंचे। वे ट्रैक्टर में सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन को आवेदन सौंपकर योजना में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार की जांच की मांग की।
इस दौरान उनके साथ हरेन्द्र कुमार मसराम, जनपद सदस्य (क्षेत्र क्र. 14), जनपद पंचायत मण्डला, सभापति – वन स्थाई समिति एवं सदस्य – स्वास्थ्य एवं महिला कल्याण स्थाई समिति भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जनपद पंचायत मण्डला के अधिकारियों द्वारा योजनाओं में लगातार अनियमितताएं की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि माँ की बगिया योजना, जो कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल की परिकल्पना से जुड़ी योजना है, उसमें भी बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है।
पौधों की खरीदी में घोटाले का आरोप
आवेदन में बताया गया कि योजना के तहत स्व सहायता समूह की महिलाओं को अपने खेतों में फलदार पौधे लगाने के लिए लगभग 3 लाख रुपये की लागत से सहायता दी जानी थी। लेकिन जनपद के अधिकारियों द्वारा जबलपुर की नर्सरियों से 130 रुपये प्रति पौधे की दर से घटिया किस्म के पौधे मंगवाए गए, जबकि वही पौधे मण्डला की नर्सरियों में 70 से 80 रुपये में उपलब्ध हैं। इस प्रकार करीब 10 हजार पौधों की खरीदी में लगभग 7 से 8 लाख रुपये का घोटाला होने का आरोप लगाया गया है।
सीमेंट पोल और तार खरीदी में भी अनियमितता
उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बगिया में फेंसिंग के लिए उपयोग होने वाले सीमेंट पोल जबलपुर से 375 रुपये प्रति पोल की दर से खरीदे गए, जबकि मण्डला में इससे बेहतर पोल 265 रुपये में उपलब्ध हैं। इस खरीदी में 10 से 15 लाख रुपये तक की गड़बड़ी होने की आशंका जताई गई है।
इसी तरह तार सप्लाई में भी अधिक दरों पर बिल लगाकर लाखों रुपये के भुगतान का आरोप लगाया गया है।
बिना सामग्री के फर्जी बिल निकालने का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया कि कई स्थानों पर पोल लगाने के लिए गिट्टी, रेत और सीमेंट की सप्लाई किए बिना ही लगभग 10 लाख रुपये के बिल निकाल लिए गए।
हितग्राहियों से नगद वसूली का भी आरोप
उपाध्यक्ष ने दावा किया कि योजना के तहत पौधे खरीदने के नाम पर हितग्राहियों से 15-15 हजार रुपये नगद लिए गए। उन्होंने कहा कि कई हितग्राहियों ने कैमरे के सामने इस बात की पुष्टि भी की है।
अन्य मामलों में भी गड़बड़ी का आरोप
आवेदन में बिना निविदा के वाहन लगाकर डीजल भुगतान कराने तथा ग्राम पंचायतों में घटिया साइन बोर्ड सप्लाई कर अधिक राशि वसूलने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।
वही उपाध्यक्ष संदीप सिंगौर एवं जनपद सदस्य हरेन्द्र कुमार मसराम ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।