लोक निर्माण विभाग मंडला बना भ्रष्टाचार का अड्डा? दोषी उपयंत्री को सजा नहीं, “इनाम” में मिला अतिरिक्त प्रभार!

दैनिक रेवांचल टाइम्स, मंडला।जिले का लोक निर्माण विभाग (PWD) इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। कारण साफ है—जहां एक ओर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं में दोषी पाए गए अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, वहीं दूसरी ओर उन्हें “मलाईदार” पदों से नवाजा जा रहा है।
मामला उपयंत्री विशाल उइके का है, जिन्हें न सिर्फ मंडला में पदस्थ रखा गया है, बल्कि निवास क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार और एसडीओ का जिम्मा भी सौंप दिया गया है। यह फैसला विभागीय कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल खड़ा करता है।
जांच में खुली पोल, फिर भी मेहरबानी जारी
वही जानकारी के अनुसार मंडला कलेक्टर स्तर पर गठित जांच टीम ने स्पष्ट रूप से पाया था कि, कार्य पूर्ण होने से पहले ही माप पुस्तिका (MB) में एंट्री कर दी गई, सत्यापन कर भुगतान हेतु फाइल आगे बढ़ा दी गई, संबंधित क्षेत्र के अधिकारी के हस्ताक्षर तक नहीं थे, नियमों का खुला उल्लंघन करते हुए ठेकेदार को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई, यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि शासकीय धन के दुरुपयोग और मिलीभगत का स्पष्ट संकेत है।
कार्रवाई शून्य, प्रभार डबल!
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि—
अब तक न कोई सस्पेंशन
न वसूली, न विभागीय दंड बल्कि इसके उलट— अतिरिक्त प्रभार देकर “विशेष भरोसा” जताया गया क्या यही है प्रशासन की जवाबदेही?
“ईमानदारी छोड़ो, प्रभार जोड़ो” मॉडल लागू?
मंडला PWD में इन दिनों एक नई व्यवस्था चर्चा में है—
“जितना विवाद, उतना प्रभार”
जहां ईमानदार कर्मचारी छोटी गलती पर नोटिस झेलते हैं, वहीं भ्रष्टाचार के आरोप झेलने वाले अधिकारी प्रमोशन जैसी सुविधाएं पा रहे हैं।
बड़े सवाल जो जवाब मांगते हैं
जब जांच में दोष सिद्ध हो चुका है, तो कार्रवाई क्यों नहीं?
क्या विभागीय नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों को राजनीतिक या उच्चस्तरीय संरक्षण प्राप्त है? क्या अब “प्रभार संस्कृति” ही नया सिस्टम बन चुकी है?
जनता में आक्रोश, भरोसा कमजोर
जिले की जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि—अगर यही व्यवस्था रही, तो ईमानदार अधिकारियों के लिए इस सिस्टम में जगह कहां बचेगी?
अब निगाहें प्रशासन पर
मामला खुलकर सामने आने के बाद अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और विभागीय उच्च अधिकारियों पर टिकी हैं।
देखना होगा कि—
क्या इस बार कार्रवाई होती है
या फिर एक और मामला फाइलों में दबा दिया जाएगा

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