दो दिनों से अंधेरे में चार सौ परिवार,
बजाग सहित ग्रामीण अंचलों में नहीं सुधर पा रही विद्युत व्यवस्था,
खमेरा का मामला,
रेवांचल टाईम्स – बजाग वैसे तो बीते कई दिनों से मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों में विद्युत व्यवस्था लड़खड़ाई हुई है विभाग द्वारा विद्युत आपूर्ति दुरस्त किए जाने के प्रयास किए जा रहे है परंतु पुराने उपकरणों और स्टॉफ की कमी के चलते यह समस्या दूर होती नहीं दिख रही है और धीरे धीरे ग्रामीण अंचलों में यह समस्या विकराल होते चली जा रही है, सबस्टेशन चांडॉ के अंतर्गत वन ग्राम खमेरा के ग्रामीण विद्युत विभाग की उदासीनता से अंधेरे में रहने को मजबूर है यहां लगभग लगभग एक सप्ताह से विद्युत व्यवस्था चरमराई हुई है और दो दिनों से पूरे गांव में अंधेरा छाया हुआ है पहले तीन चार रोज से यहां के ग्रामीण लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे थे लेकिन अब बीते दो दिनों से अंधेरे में रात गुजारने मजबूर है गांव में करीब चार सौ परिवार निवासरत है जिन्हें विद्युत आपूर्ति ठप्प होने के चलते अंधेरे में गुजर बसर करना पड़ रहा है ग्रामीणों ने बताया कि वैसे तो आए दिन लाइट की आंख मिचौली की समस्या बनी ही रहती है परंतु अब पूर्ण रूप से विद्युत आपूर्ति बंद हो जाने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लोगो का कहना है कि गांव के आसपास घना जंगल है और शाम होते ही घुप्प अंधेरा हो जाता है ऐसे माहौल में आस पड़ोस में जाने से भी भय लगता है रात में घरों में अंधेरा होने के कारण बरसाती विषैले जीव जंतुओं का घर में प्रवेश होने का डर बना हुआ है उजाला करने का कोई सही साधन भी ग्रामीणों के पास उपलब्ध नहीं है मिट्टी का तेल भी नहीं मिलता।जिससे चिमनी जलाकर उजाला किया जा सके। एक मात्र मोबाइल की रोशनी के सहारे रात काटने की व्यवस्था है तो वह उपकरण भी लाइट बंद होने के कारण चार्ज नहीं होने से बंद पड़े हुए है वही इस संबंध विद्युत विभाग का कहना है कि मौसम खराब होने के कारण फाल्ट आ रहा है जंगल में विद्युत लाइन के आसपास बॉस के पेड़ लगे हुए है जिनके विद्युत तार में टकराने से बार बार फाल्ट आ रहा है विभाग द्वारा जल्दी ही सुधार किए जाने की बात कही गई है
इनका कहना है।
खराब मौसम और बॉस के पेड़ो के बीच विद्युत लाइन के टकराने से फाल्ट की समस्या बनी हुई है जल्द ही सुधार किया जाएगा।
संदीप श्याम,
स्टेशन इंचार्ज चांडा बजाक