डॉ. मुखर्जी एक राष्ट्र समर्पित जीवन व्यक्तित्व….मिश्रा

रेवांचल टाईम्स – मंडला, जिला भाजपा कार्यालय में मनाया गया डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मजयंती, कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन….
मंडला, भाजपा जिला कार्यालय में रविवार को जनसंघ के संस्थापक व प्रखर राष्ट्रवादी डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मजयंती मनाई गई। इस दौरान जिला कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित प्रदेश की कैबिनेट मंत्री श्रीमती संपतिया उईके, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, सांसद प्रतिनिधि जयदत्त झा, कार्यक्रम सह प्रभारी रवि सोनवानी, ओबीसी मोर्चा प्रदेश मंत्री राजेश पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष रोचीराम गुरवानी, बम्हनी नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती मीना हरदहा सहित भाजपा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर कैबिनेट मंत्री श्रीमती संपतिया उईके ने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी शिक्षा, राजनीति, समाज और संस्कृति के सभी क्षेत्रों में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे वर्ष 1929 में बंगाल विधान परिषद के सदस्य बने और 1934 से 1938 तक कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति भी रहे।डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने एक विचारधारा के लिए अपना पूरा जीवन लगाया। वे कभी सत्ता पर बैठने के लिए नहीं आए थे। वे अनेक बार सत्ता में आए और हमेशा विचारधारा के लिए सत्ता का त्याग भी किए थे। वही इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को मुखर्जी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की जनहित योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे इन योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन हमें सिखाता है कि विचारों में दृढ़ता, देशभक्ति की भावना, और सच्चाई के लिए संघर्ष करना ही सच्चा नेतृत्व होता है। आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बारे में पूरा देश जानता है कि वो जिये देश के लिए, मेरे देश के लिए, और अमर हो गए देश के लिए, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी मानते थे कि भारत केवल एक राजनीतिक सत्ता नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक इकाई है जिसकी आत्मा सनातन भारतीय परंपराओं में निहित है। उनका मानना था कि सभी भारतीय, चाहे उनकी भाषा, जाति या धर्म कुछ भी हो, एक साझी संस्कृति के उत्तराधिकारी हैं। वही जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी भारतीय उद्योगों और स्वदेशी वस्तुओं के प्रबल समर्थक थे। वे चाहते थे कि भारत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने, जिससे विदेशी निर्भरता कम हो और स्वदेशी उद्योगों को प्रोत्साहन मिले। डॉ. मुखर्जी के दिखाए रास्ते पर चलते हुए प्रधानमंत्री जी ने स्वदेशी वस्तुओं के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए मेक इन इंडिया जैसी पहल की नींव रखी। स्वदेशी वस्तुओं के उपभोग को बढ़ावा देने के लिए वोकल फॉर लोकल का मंत्र दिया तो वहीं देश और देश के नागरिक आत्मनिर्भर बने उसके लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान का शुभारंभ किया। वही मंच का संचालन सांसद प्रतिनिधि जयदत्त झा ने किया। वही कार्यक्रम के अंत में मंडला के वरिष्ठ समाजसेवी अशोक पांडे ने निधन उपरांत उनको भाजपा कार्यकर्ता के द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी, मोर्चा पदाधिकारी, वरिष्ठकार्यकर्ता, मातृशक्ति, जनप्रतिनिधि, नगर मण्डल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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