जिले भर में जमकर बरस रहे बादल मंडला मुख्यालय सहित: नैनपुर हुआ जलमग्न

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दैनिक रेवांचल टाइम्स । मंडला जिले में मानसून ने इस बार कहर बरपा दिया है। बुधवार से हो रही रिकॉर्ड तोड़ बारिश के चलते शहर ही नहीं, गांव भी जलमग्न हो गए हैं। बारिश के पानी ने जहां सड़कों को दरिया बना दिया, वहीं कई घरों में घुसकर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लोगों को अपने घरों में पानी भर जाने से काफी परेशानी हो रही है।

थावर सेतु की तकनीकी विफलता
करोड़ों रुपये की लागत से बना थावर सेतु आम जन के लिए व्यर्थ साबित हुआ है। पुल के ऊपर से पानी आने के साथ-साथ पुल के आगे सड़क के ऊपर से नदी जैसा माहौल बन गया है। यह स्थिति इसलिए उत्पन्न हुई है क्योंकि थावर नदी में निर्माण कार्य के दौरान गिरा हुआ मटेरियल अभी तक नहीं हटाया गया है, जिससे पानी के बहाव में बाधा उत्पन्न हो रही है।

भोपाल के विवादित पुल जैसे हलात
थावर सेतु की स्थिति भोपाल के विवादित पुल जैसी है, जो 90 डिग्री के कोण पर बना है और तकनीकी रूप से विफल साबित हुआ है। इसी तरह थावर सेतु भी तकनीकी रूप से विफल साबित हुआ है, जिससे आम जन को परेशानी हो रही है। यह पुल न केवल आम जन के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है, बल्कि इसकी विफलता के कारणों की जांच भी जरूरी है।

तकनीकी जांच की मांग
इस पुल की तकनीकी जांच की जानी चाहिए और तकनीकी विफलता पाए जाने पर भुगतान तत्काल रोक दिया जाना चाहिए। संबंधित अधिकारी और एजेंसी को इस कार्य के लिए दंडित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। तकनीकी जांच से ही यह पता चल पाएगा कि पुल की विफलता के क्या कारण हैं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

प्रशासन की जिम्मेदार अधिकारी मौन
मंडला जिले में मानसून का कहर जारी है। और पूरे जिले में लगातार वारिस जनजीवन प्रभावित हो रहा हैं साथ ही नदी नाले जलमग्न हो चुके हैं, नैनपुर नगर जलमग्न हो गया है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करना चाहिए और तकनीकी विफलता की जांच करनी चाहिए, ताकि दोषियों को जिम्मेदार ठहराया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। प्रशासन को चाहिए कि वह आम जन की परेशानियों को समझे और उन्हें जल्द से जल्द राहत प्रदान करे।

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