छात्रावासों की करतूतें कैमरे में कैद अत्याचार की तस्वीरें नीलाम हो गईं….
रेवांचल टाईम्स – मंडला, आदिवासी बाहुल्य जिले की ये कैसी अच्छी शिक्षा व्यवस्था है जो आज किसी से छिपी नही है ये जिले में सरपंच से लेकर सांसद तक आदिवासी निवासरत है पर आज इन गरीब भोलेभाले आदिवासियों के बच्चों के भविष्य के साथ स्कूल से लेकर छात्रावास तक मे शोषित हो रहे है और शिक़वा शिकायते के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी मौन साधे बैठे है और जिले के जनप्रतिनिधियों ने तो इस देखना मुनासिब भी नही समझ रहे है। इनमे आखिर किसका दोष है।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एकलव्य विद्यालय सेमरखापा एवं बालक आश्रम प्रेमपुर में बच्चों के साथ ज्यादती : सहायक आयुक्त ने नहीं लिया संज्ञान तो कलेक्टर को छात्राओं ने सुनाई आपबीती
मोबाइल के कैमरे में कैद एकलव्य विद्यालय सेमरखापा एवं बालक आश्रम प्रेमपुर में बच्चों के साथ हुई ज्यादती की दिल दहला देने वाली तस्वीरें नीलाम हो गईं। जब पीड़ित छात्राओ की व्यथा सहायक आयुक्त ने नहीं सुनी तो कलेक्टर को छात्राओ ने अपनी आपबीती सुनाई है। उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय के नजदीक एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सेमरखापा अचली एवं बालक आश्रम प्रेमपुर में हुए मासूम बच्चों के साथ-साथ शिक्षा एवं पढ़ाई के नाम पर जानवरों से बदतर दुर्दशा का वीडियो वायरल हुआ है, यह वीडियो सहायक आयुक्त वंदना गुप्ता एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी रंजीत गुप्ता के साथ-साथ जिला कलेक्टर को भी बच्चों की आप बीती हालत मय साक्ष्य के भेजा गया है, परन्तु सहायक आयुक्त वंदना गुप्ता द्वारा मामले को जांच एवं प्रतिवेदन का झांसा देकर दोषियों से मोटी रकम वसूल कर मामले पर जांच का पर्दा डालकर दोषियों को खुलेआम संरक्षण देकर मामले को रफा-दफा कर दिया गया है। जहां बच्चों के साथ हुए इस दुर्दशा की साफ-साफ वीडियो आला-अधिकारियों को सौंपी गई है और अधिकारियों की निगरानी में दोषियों के खिलाफ मयसाक्ष्य सबूत होने के बावजूद भी दोषियों को संरक्षण प्रदान किया जाता हो ऐसे जिम्मेदारों से क्या उम्मीद की जा सकती है, इसके पहले भी एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सेमरखापा में आये दिन छात्राओं के साथ जातीय तथा छात्रावास में भ्रष्टाचार का मामला सुर्खियों में बना हुआ है।
एकलव्य विद्यालय के प्राचार्य जी एल कांवड़े को इसके पहले भी लापरवाही तथा भ्रष्टाचार का दोषी पाकर जिला कलेक्टर द्वारा कांवड़े का इंक्रीमेंट पर रोक लगाया गया एवं मामले में दोषी ठहराया गया बावजूद इसके लापरवाहियों ने अपना रुआब नहीं बदला बल्कि जिम्मेदारों को उनकी कीमत देकर अपने होसले बुलंद करते जा रहे हैं।
शासकीय एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सेमरखापा में 28/02/2024 का मामला सामने आया है, जिसमें छात्राओं द्वारा छात्रावास के प्राचार्य एवं अधीक्षिका से पीड़ित होकर जिला कलेक्टर को उनकी शिकायत की गई,वहीं जान जोखिम में डालकर छात्राओं ने बड़ी मुश्किल से अपनी आपबीती तथा प्राचार्य की जातीय का किस्सा जिला कलेक्टर के समक्ष रखा।
जांच में आए सहायक आयुक्त ने भी साधी चुप्पी आख़िर क्यों?
वही पीड़ित छात्राओं का कहना है कि प्राचार्य एवं अधीक्षिका के द्वारा हमें आये दिन पीड़ित किया जा रहा है। इसकी जानकारी हमने पहले भी हमारे अधिकारियों तथा पालकों को दिया है, जिसके चलते जांच में सहायक आयुक्त आये थे, परन्तु प्राचार्य एवं अधीक्षिका खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं किया गया।
बालक आश्रम प्रेमपुर के अधीक्षक डी.सी.वंशकार के खिलाफ लापरवाहियों एवं बच्चों को प्रताड़ित करने का मामला स्वयं विभाग के कर्मचारियों द्वारा स्पष्ट किया गया है, परन्तु सहायक आयुक्त के खुलेआम संरक्षण का यह नतीजा है कि जहां बच्चों के साथ शिक्षा एवं पढ़ाई के नाम पर जानवरों से बदतर सलूक किया जा रहा है, परन्तु सहायक आयुक्त को अपनी तिजोरी भरने के अलावा कुछ दिखाई नहीं देता है, मामले की वीडियो-फोटो एवं जानकारी जिला कलेक्टर डॉ. सोमेश मिश्रा को स्पष्ट किया गया है जिसमें जिला कलेक्टर द्वारा दोषियों एवं सहायक आयुक्त तथा बीईओ के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है।
पहले भी शर्मसार हो चुकी है व्यवस्था
वही सहायक आयुक्त आदिवासी जनजातीय कार्य विभाग का एक शर्मशार एवं दर्दनाक मामला भी कुछ दिनों पहले समाचार पत्रों में सामने आया था। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सेमरखापा से एक छात्रा के गायब होने का मामला सुर्खियों में बना हुआ है। प्राचार्य जी एल कांवड़े को उनकी लापरवाहियों का दोषी पाते हुए उनके खिलाफ अनेकों दफा वैधानिक कार्यवाही की जा चुकी बावजूद इसके प्राचार्य जी एल कांवड़े की हरकतों एवं लापरवाहियों में कोई बदलाव नहीं आया है।
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आत्महत्या कर चुकी है पीड़ित छात्रा
अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन द्वारा मामले को संज्ञान में लेते हुए क्या कार्यवाही किया जाता है या फिर भ्रष्टाचारी के चलते आला-अधिकारियों एवं जिम्मेदारों द्वारा मामले को बंद तिजोरी में रखकर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा तथा अगले सत्र में भी छात्राओं को उनके इस लापरवाह तथा भ्रष्टाचारी प्राचार्य एवं अधीक्षिका की जातीयता का सामना करना होगा, इसके पहले भी विगत दिनों समाचार पत्रों में हरदा जिले का एक मामला सामने आया था जिसमें छात्रावास की छात्रा अपने प्राचार्य द्वारा परेशान एवं दुष्कर्म किए जाने से पीड़ित होकर आत्महत्या कर ली थी।
इस पूरे वाख्या में क्या कहते है जिम्मेदार….
मुझे पुरानी जानकारी नहीं है, आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। मैं मामले को दिखवाती हूं।
श्रीमती वंदना गुप्ता,
सहायक आयुक्त मण्डला
