मेडिकल कालेज में एडमीशन दिलाने के नाम पर 54 लाख रूपये लेकर धोखाधडी करने वाला फरार एक और आरोपी गिरफ्तार, नगद 1 लाख 5 हजार रूपये जप्त

रेवांचल टाइम्स मंडला| थाना गोरखपुर में श्रीमति अर्चना शर्मा निवासी हाथीताल ने लिखित शिकायत की थी कि उसके मोबाइल पर एक मोबाईल फोन से फोन आया जिसने अपना नाम सानू बंसल वर्मा मुम्बई का बताया जिसने दिनांक 8 सितंबर 2023 को फोन करके बताया कि वह पैसीफिक एजुकेशन मुंबई में कार्यरत् है तथा मेडीकल पीजी एडमीशन हेतु सशुल्क गाइडेंस देता है. 18 सितंबर को उसने व्हाट्सएप पर कंाटेक्ट कर उपलब्ध सीटों की लिस्ट तथा देश के विभिन्न प्राइवेट मेडीकल कलेज की फीस के बारे में सूचना दी । जब उसके बेटे सिध्दार्थ शर्मा का नीट पीजी 2023 में क्वालीफाई हो गया, तब सानू बंसल ने पुनः व्हाट्सएप पर संपर्क कर बताया कि एडमीशन हेतु सीटें खाली है और उपलब्ध हैं तथा एडमीशन की काफी संभावना है, फिर ऐसा अवसर नहीं मिलेगा । बेटे के नीट पीजी 2023 मे क्वालीफाईड होने की पूरी जानकारी सानू बंसल को थी, उसने अनेक कलेजों की फीस तथा सीट उपलब्धता के बारे में बताया । नीट पीजी मे जो प्रक्रिया होती है उसी आधार पर वह उससे बात करता था और व्हाट्सअप पर भेजता था जिससे उस पर विश्वास हो गया और वह उसकी बातो मे आकर अपने बजट के अनुकूल तथा भाषा की अनुकूलता के आधार पर देहरादून के प्राईवेट मेडिकल कालेज, हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडीकल साइंस की मेडीसिन सीट हेतु गाइडेंस मांगी । तो सानू ने इस कलेज की फीस 26 लाख रूपये प्रति वर्ष बताई तथा कलेज लेवल काउंसलिंग जो अंत में सीट खाली रहती है, उस हेतु जानकारी दी तथा रजिस्ट्रेशन हेतु 99 हजार रूपये पैसीफिक एजुकेशन हेतु 08.10.2023 को जमा करवाये । इसके बाद दिनांक 08.10.2023 से दिनांक 01.12.2023 तक विभिन्न तारीखों पर सानू बंसल वर्मा ने यूपीआई के माध्यम एवं अपने एक्सिस बैंक के खाता पर 48 लाख रुपये तथा इंडियन आवरसीज बैंक के खाता जो विवेक कुमार के नाम पर है पर 6 लाख रुपये ट्रांसफर कराये इस तरह कुल 54 लाख रुपये प्राप्त किया । काफी दिनों तक एडमीशन न होने पर कई बार सम्पर्क किया तो सानू अपने साथियों से बात करता था जो आज-कल में हो जायेगा कहते हुये गुमराह करते रहे बाद मे उसका फोन उठाना बंद कर दिये।
सानू बंसल वर्मा एवं उसके साथियो ने मिलकर धोखाधडी कर मेडिकल कालेज में एडमीशन दिलाने के नाम पर 54 लाख रूपये लेकर हडपते हुये सायबर फ्रॉड किया है। शिकायत पर गोरखपुर में अप क्र. 855/2024 धारा-420, 120बी. 409.467.468.471 भा.द.वि. का अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) द्वारा आरोपियेां की पतासाजी कर शीघ्र गिरफ्तार करने हेतु आदेशित किये जाने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री आनंद कलादगी तथा उप पुलिस अधीक्षक अपराध श्री उदयभान सिंह बागरी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अपराध श्री शैलेष मिश्रा के निर्देशन में क्राईम ब्रांच व थाना गोरखपुर की संयुक्त टीम गठित की गई।
गठित टीम द्वारा तलाश पतासाजी करते हुये पूर्व में आरोपी सानू वंसल वर्मा एवं विकासचंद्र मिश्रा को गिरफ्तार कर दोनो से नगद 50 हजार रूपये, मोबाईल एवं दस्तावेज जप्त कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करते हुये जेल निरुध्द कराया गया था। प्रकरण का अन्य आरोपी शंकर लाल गुर्जर फरार था जिसकी तलाश पतासाजी की जा रही थी।
प्रकरण में फरार आरोपी शंकर लाल के मुम्बई में होने की सूचना मिलने पर मुम्बई में दबिश देते हुये आरोपी शंकर लाल गुर्जर पिता मोहनलाल गुर्जर निवासी मुम्बई महाराष्ट्र को अभिरक्षा मे लेकर आरोपी को प्रकरण में विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करते हुये पुलिस रिमांड लेकर पुछाताछ करते हुये आरोपी की निशादेही पर 1 रजिस्टर, 1 बिल रजिस्टर एवं नगद 1 लाख 5 हजार रूपये जप्त करते हुये दिनॉक 21-7-25 को मान्नीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जायेगा।
उल्लेखनीय भूमिकाः- धोखाधडी के प्रकरण में फरार आरोपी को पकडने मे थाना प्रभारी गोरखपुर श्री नितिन कमल, थाना प्रभारी अपराध श्री शैलेष मिश्रा के निर्देशन में सायबर सेल प्रभारी श्री भूपेन्द्र आर्मो, आरक्षक जितेन्द्र राऊत, थाना गोरखपुर के उप निरीक्षक दुर्गेश मरावी, आरक्षक भगवान सिंह पटैल, की सराहनीय भूमिका रही।