मंत्री जी के जिले में पानी के लिए हाहाकार: सरकारी हैंडपंप उठा ले गए, प्रशासन मौन

पीएचई मंत्री के गृह जिले में सरेआम छीन लिया गया सरकारी हेण्डपम्प
जिम्मेमदारों को नहीं है कोई गम
अब ग्रामीणों द्वारा की जा रही आन्दोलन की तैयारी

रेवाँचल टाईम्स – मण्डला, जिले में सरकार एक तरफ जल स्त्रोतों को बनाने व संरक्षित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार प्रयास कर धन खर्च कर रही है वहीं दूसरी ओर मुख्यालय से 35 किमी की दूरी पर नारायणगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत परतला के वार्ड क्रमांक 4 में स्थित एक शासकीय हेण्डपम्प को अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। लगभग 35 वर्ष पूर्व उक्त हेण्डपम्प का उत्खनन पीएचई विभाग द्वारा शासकीय भूमि में किया गया था। तब से इस हेण्डपम्प का पानी बारह महीने ग्रामीण उपयोग करते थे। लेकिन अब उक्त हेण्डपम्प यहॉ के टीकादास एवं उनकी पत्नी अमीना बाई के मकान की बाउण्ड्री के अंदर अवैध कब्जे का शिकार हो गया है जिसकी शिकायत लगातार तहसीलदार, एसपी, कलेक्टर एवं पीएचई मिनिस्टर से की जा रही है लेकिन अभी तक उक्त सार्वजनिक हेण्डंम्प को कब्जा मुक्त नहीं कराया जा सका है। बताया गया कि दिनांक 27 जून 2025 को पटवारी हल्का नंबर 80 रा.नि.मं. भावल, तहसील नारायणगंज की टीम द्वारा सडक किनारे बने अनावेदक के मकान का स्थल निरीक्षण किया गया था जिसमें पाया गया कि खसर नंबर 170 में मद रास्ता पर अतिक्रमण किया गया है इसके बाद भी हेण्डपम्प को सर्वोपयोगी नहीं बनाया जा सका, जबकि भवन निर्माण के दौरान दिनांक 23 दिसम्बरर 2024 को अनावेदक द्वारा पीएचई विभाग के उपयंत्री, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, कोटवार समेत अनेक पंचों के समक्ष लिखित शपथ पत्र दिया गया था कि हेण्डपम्प को सुरक्षित रखा जायेगा एवं इसका उपयोग हमेशा की तरह सभी लोग कर सकेंगे। लेकिन अब अनावेदक अपने वायदे से मुकर रहा है और मुर्रम पुराई के कारण हेण्डपम्प का अस्तित्व खतरे में पड गया है जिससे ग्रामीण परेशान व चिंतित हैं। इस तरह से पीएचई मंत्री के गृह जिले में एक सरकारी हेण्डपम्प को सरेआम छीन लिया गया और जिम्मेदार खामोश हैं जिससे पीडित ग्रामीण आक्रोशित हो गये हैं और अब बैठक कर आन्दोलन करने की तैयारी की जा रही है।

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