कल्पतरू ठेका कंपनी सरकार एवं संस्था को कर रही गुमराह, कागजों में 75 प्रतिशत काम पर जमी हकीकत कुछ और

 

रेवांचल टाईम्स – मण्डला जिला वह जिला है जब सब कागजों के आंकड़ों के हिसाब से राशि निकाल ली जाती है और कागज़ो में कार्य पूर्ण कर उसे शासन के पोर्टल पर ओके रिपोर्ट दर्ज राज्य और केंद्र में बैठे जिम्मेदारो को अवगत करा दिया जाता है इन्हें पता है कि इस जिले में कोई जिम्मेदार होश हवाश में तो रहते ही नही संस्था कम्पनी जो रिपोर्ट पेश करेंगी वह ही मान्य होगा और इस जिले में जितनी भी निर्माण एजेन्सियाँ कार्य कर रही है वह कभी समय मे कार्य पूर्ण नही करती हैं क्योंकि इन्हें पता है कि इस जिले में न कोई रोकने वाला है और न ही कोई टोकने वाला है बस सब चुप चाप देखते है अच्छा हो तो नही मतलब बुरा हो तो नही मतलब क्योंकि ये सब सरकारी काम है इन कार्यों किसी का कुछ नही जा रहा हैं।
वही मंडला में कच्छप गति से जल निगम संस्था के अंतर्गत संचालित मध्यप्रदेश हालोंन समूह जल प्रदाय योजना के तहत काम करने वाली कल्पतरू प्रोजेक्ट ठेका कंपनी द्वारा किये जा रहे काम की गति अत्याधिक धीमी है। कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड के द्वारा मंडला जिले के बिछिया, मवई, मोहगांव तथा मंडला में पेयजल लाइन विस्तारीकरण एवं पानी टॉकयों का निर्माण और जल संग्रहण और ग्रामीण क्षेत्रों में जल घर घर पहुंचाने के लिए अन्य निर्माण कार्य, नल कनेक्शन तो किया जा रहा है। काम की गति को देखकर लगता है कि शासन ने जो अवधि निर्धारित की थी उस अवधि में काम होना मुश्किल लग रहा है। वहीं संस्था के महाप्रबंधक से इस संबंध में बात हुई तो उन्होंने बताया कि लगभग 70 से 75 प्रतिशत कार्य हो गया है। जबकि घरातल पर स्थितियां कुछ और नजर आ रही हैं।

वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसकी समयावधि जल निगम द्वारा 1 साल के लिए बढ़ा दी गई है, लेकिन ठेका कम्पनी के द्वारा इतनी धीमी गति से कार्य किया जा रहा है कि 1 साल तो क्या अगले 5 से 10 साल में परियोजना पूर्ण होने की संभावना नहीं दिखाई दे रही है। बिछिया ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम करंजिया में काम लगभग पूर्ण हुआ है, वहीं आज दिनांक तक ठेका कंपनी के द्वारा उक्त परियोजना में कोई भी निर्माण संरचना जल निगम को हस्तांतरित नहीं की गई है। पानी की टकिया अधूरी छुटी हुई है, बड़े बड़े निर्माण कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हुए है। मध्यप्रदेश हालोंन समूह प्रदाय योजना अंतर्गत मण्डला जिले के बिछिया, मवई, मोहगांव तथा मण्डला के 134 ग्रामों में घर-घर जल पहुंचाने के लिए 134 पानी टकियों का निर्माण कार्य किया जाना है, लेकिन स्वीकृत कार्य समाप्ति की अवधि बढ़ा दी गई है, पर आज दिन तक कोई भी टंकी पूर्ण नहीं हुई हैं, पूर्ण होने की बात तो छोड़िए आज दिन तक कई ग्रामों में निर्माण कार्य प्रारंभ भी नहीं हुए हैं। कंपनी की ओर से हैण्डओवर नही किया

ठेका कंपनी ने शासकीय संपत्ति को पहुंचाया नुकसान

मध्यप्रदेश हालीन समूह प्रदाय योजना अंतर्गत जिले में कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड के द्वारा पाईपलाइन विस्तार का कार्य गांव-गांव में जल पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। लेकिन पाईपलाइन विस्तार से गांव-गांव में पानी तो बाद में पहुंच पाएगा लेकिन इनके पाईपलाइन बिछाने की कार्यशैली से तत्काल में तो नुकसान हो रहा है, क्षेत्र के किसानों को इनके कार्यों से नुकसान हो रहा है इनकी कंपनी के द्वारा बिना किसानों को जानकारी दिए उन किसानों के खेतों में पाईप बिछा दिया जाता है जिससे किसानों की फसल को नुकसान पहुंचता है, वहीं ठेका कंपनी आरईएस और पी डब्ल्यू डी विभाग की सड़क को भी नुकसान पहुंचाया है। जहां उक्त ठेका कंपनी कल्पतरु प्रोजेक्ट्स के द्वारा ग्राम पंचायत कोको के पोषक ग्राम गुड़ली में शासकीय सड़क के किनारे शोल्डर में ब्लास्टिंग करके 1 वर्ष पूर्व पाईपलाइन डाल दी गई जिससे कम्पन के कारण पूरी सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। इस क्षतिग्रस्त सड़क को तो रिपेयर करना तो बहुत दूर की बात है इनके द्वारा जो पाईपलाइन डालने के लिए जो गड्डा एक साल पूर्व किया गया था उसकी भी पुराई नहीं की गई जोकि इनकी कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है। क्या अन्य जगहों पर भी इनके द्वारा इसी प्रकार का कार्य किया जा रहा है और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है? यह जांच का विषय है।

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना की धीमी गति से आमजनता को लाभ लेने में वक्त लगेगा जबकि राज्य सरकार ने इस योजना पर काम करने के लिए समयावधि निर्धारित की थी। लेकिन ठेकेदार संस्था को गुमराह करते हुए कहा कि क्षेत्र में 70 से 75 प्रतिशत कार्य हो चुका है जबकि धरातल पर स्थिति कुछ और ही बंया कर रही है। मामला मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित संस्था के तहत पेयजल लाइन विस्तारीकरण एवं पानी टंकी के निर्माण का है।

जागरूकता के अभाव में नहीं की जा रही शिकायत

मण्डला आदिवासी बाहुल्य जिला है, जहां केंद्र और प्रदेश सरकार की अनेक योजनाएं संचालित हैं, लेकिन इन योजनाओं का धरातल पर सही क्रियान्वयन नहीं हो पा रही है। इन योजनाओं में जमकर विभाग और ठेकेदार साठगांठ कर धांधली का खेल चल हैं और संस्था मूकबधिर बनी हुई है। ठेकेदारों के द्वारा संस्था के जिम्मेदारों का मुंह नजराना देकर बंद कर दिया गया है इसलिए मौके स्थल का निरीक्षण समय समय पर नहीं किया जा रहा है और कंपनी अपनी मर्जी के हिसाब से धीमी गति से काम कर रही है। मध्यप्रदेश हलोन समूह प्रदाय योजना संचालित है, जिसकी क्रियान्वयन इकाई मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित संस्था है। उक्त परियोजना में ठेका कंपनी कल्पतरू प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड है।
वही जल निगम मर्यादित संस्था के द्वारा ठेका कंपनी के नाम स्वीकृति पत्र दिनांक 8 अगस्त 2022 को जारी किया गया था। स्वीकृति पत्र में कार्य की समयावधि 28 माह की बतलाई गई है तथा परियोजना की अवधि प्रारंभ होने के संबंध में कहा गया है कि स्वीकृति पत्र जारी होने के 21 दिन के पश्चात् से परियोजना का कार्य प्रारंभ माना जाएगा। जब ग्रामों में पानी की टंकियों का निर्माण ही नहीं होगा तो आखिर कैसे गांव-गांव में घर-घर में पेयजल मुहैया कराया जाएगा। इस मामले की समस्त जानकारी आरटीआई से प्राप्त कर संबंधित व्यक्ति द्वारा सत्यापित एवं प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए शिकायत भी की है।

इस संबध में क्या कहते है जिम्मेदार…

ठेका कंपनी का 70 से 75 प्रतिशत काम हो चुका है यदि कोई और जानकारी लेनी हो तो कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

हेमन्त जिंदवानी,
जनरल मैनेजर पीआईयू मप्र जल
निगम मर्यादित संस्था मंडला

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