सूर्यकुण्ड धाम में गूंजे हनुमत महामंत्र, तुलसी दिवस के साथ हुआ दिव्य ‘महामंत्र रुद्राभिषेक’ अनुष्ठान

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रेवाँचल टाईम्स – मण्डला जिले प्रसिद्ध सूर्य कुंड में विराजितमान हनुमान जी महाराज को गुरुवार को ब्रह्ममुहूर्त सूर्यकुण्ड धाम में मंत्रोच्चार से पूरा मंदिर गूंज उठा, जहां श्री हनुमान जी महाराज के दिव्य स्वरूप के समक्ष रुद्राभिषेक संपन्न हुआ। ब्रह्ममुहूर्त बेला में जब प्रभु श्री हनुमान जी महाराज के श्रीविग्रह पर रुद्राभिषेक की जलधारा बह रही थी, पूरा सूर्यकुण्ड धाम भक्ति, श्रद्धा और दिव्यता से सराबोर हो गया। श्री हनुमान मंदिर परिसर में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी ‘महामंत्र रुद्राभिषेक’ का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और विधिपूर्वक सम्पन्न हुआ। विशेष बात यह रही कि इस दिव्य अनुष्ठान का संपादन परम श्रद्धेय शिवम् कृष्णाचार्य जी श्रीधाम वृंदावन के पावन सान्निध्य में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 4:30 बजे ब्रह्ममुहूर्त आरती के पश्चात हुई, जिसमें प्रमुख आचार्य मुरलीधर पंडा ने विधिविधान से पूजन किया। उनके साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने पवित्र रुद्राभिषेक में भाग लिया और सामूहिक मंत्रोच्चार के साथ प्रभु हनुमान जी का आह्वान किया। इस अवसर पर तुलसी दिवस भी पूरे भक्ति भाव से मनाया गया। अभिषेक के दौरान तुलसी पत्रों का विशेष प्रयोग किया गया, जिससे वातावरण अत्यंत पावन और आध्यात्मिक हो गया। कार्यक्रम की सफलता में अध्यक्ष एड. आकाश दीक्षित और संरक्षक भीष्म द्विवेदी का विशेष योगदान रहा। इनकी सक्रिय सहभागिता और समर्पित सेवा भावना ने आयोजन को उत्कृष्ट रूप प्रदान किया। परम श्रद्धेय शिवम् कृष्णाचार्य जी ने ब्रह्ममुहूर्त में होने वाले रुद्राभिषेक की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा ब्रह्ममुहूर्त काल आत्मा की जागृति और ब्रह्म के साक्षात्कार का सर्वोत्तम समय होता है। इस काल में किया गया रुद्राभिषेक न केवल ग्रह दोष, रोग, क्लेश, और विघ्नों को हरता है, बल्कि साधक को आध्यात्मिक उन्नति व संपूर्ण सिद्धि प्रदान करता है। हनुमान जी का महामंत्र और तुलसी का संगम पूर्णतः शुभफलकारी होता है। इस दौरान ब्रह्म मुहूर्त आरती सेवादारों की मुख्य भूमिका रही।

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