एक राष्ट्र एक चुनाव देशहित के लिए : भाजपा वन नेशन वन इलेक्शन पर विचार संगोष्ठी संपन्न….

 

रेवांचल टाईम्स – मंडला, भारतीय जनता पार्टी जिला मंडला द्वारा एक राष्ट्र, एक चुनाव (वन नेशन, वन इलेक्शन) विषय पर आधारित एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन भाजपा जिला कार्यालय मंडला में संपन्न हुआ। यह बैठक भाजपा प्रदेश संगठन के निर्देशानुसार आयोजित की गई, जिसमें केंद्र सरकार की दूरदर्शी नीति वन नेशन, वन इलेक्शन को जनसामान्य के बीच विस्तार से रखने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में मंचासीन मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, लोकसभा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, सिंधी समाज के अध्यक्ष पूज्य गोवर्धन दास सिरवानी, सिंधी समाज उपाध्यक्ष श्री शंभू जेठ मलानी, नगर पालिका अध्यक्ष विनोद कछवाहा, वरिष्ठ अधिवक्ता संजय मिश्रा, भाजपा के वरिष्ठ नेता रोचीराम गुरवानी मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के तैल्य चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।
वही भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने अपने विचार रखते हुए कहा, कि एक साथ चुनाव होने से खर्च और प्रशासनिक लागत से बचत होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि कम चुनाव निर्बाध शासन और नीति कार्यान्वयन सुनिश्चित करते हैं, जैसे कि अन्य देशों में देखा गया है। समकालिक चुनाव केन्द्र और राज्य की नीतियों के बीच समन्वय में सुधार कर सकते हैं, जैसा कि विश्व स्तर पर समान चुनाव प्रणालियों में देखा गया है। जिस तरह देखा जाता है कि चुनाव के दौरान अधिकारी कर्मचारी परेशान होते है जिन्हें काफी राहत मिलेगी। वहीं वोटिंग प्रतिशत भी बढेगा। उन्होने कहा कि वन नेशन, वन इलेक्शन विचार भारतीय लोकतंत्र के संचालन को और अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इससे चुनावी प्रक्रिया में बार-बार होने वाले खर्च और समय की बर्बादी रुकेगी, जिससे राष्ट्र को अधिक स्थायित्व मिलेगा। हमारी पार्टी इस विषय पर लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
आज का कार्यक्रम इसी दिशा में एक सार्थक पहल है। मंडला जिले के कार्यकर्ता देशहित और लोकतंत्र के सशक्तिकरण हेतु तत्पर हैं। हम हर मंच से इस जनहितैषी पहल का समर्थन करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा, “लगातार चुनावों की प्रक्रिया देश के संसाधनों पर भारी दबाव डालती है। एक साथ चुनाव कराने से न केवल खर्च में कटौती होगी, बल्कि विकास योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन भी सुनिश्चित हो सकेगा। यह लोकतंत्र की गुणवत्ता को और बेहतर बनाएगा। उन्होने कहा कि लगातार चुनाव से शासन तंत्र पर प्रभाव पड़ता है और विकास कार्यों में रुकावट आती है। वन नेशन, वन इलेक्शन से न केवल चुनावी खर्च घटेगा, बल्कि आम जनता का ध्यान भी बार-बार चुनावी माहौल से नहीं भटकेगा। यह व्यवस्था देश में राजनीतिक स्थिरता और समग्र विकास की राह को आसान बनाएगी। भारतीय जनता पार्टी इस दूरदर्शी सोच को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह एक राष्ट्र के रूप में हमारी सोच की एकता का भी प्रतीक है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्रीमती संपतिया उईके ने अपने संबोधन में कहा,“वन नेशन, वन इलेक्शन न केवल आर्थिक संसाधनों की बचत करेगा, बल्कि प्रशासनिक और विकास कार्यों में निरंतरता लाएगा। यह विचार भारत को एक सशक्त लोकतंत्र की ओर अग्रसर करने का एक ठोस कदम है। मंत्री ने कहा कि एक राष्ट्र, एक चुनाव की अवधारणा केवल राजनीतिक सुधार नहीं है, यह सामाजिक और प्रशासनिक स्थायित्व की आवश्यकता बन चुकी है। इससे सरकार लंबे समय तक स्थायी रहेंगी, जिससे योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होगा।
विचार संगोष्ठी में विचार रखते हुए प्रबुद्धजन श्री गणेश जसवानी ने कहा कि “वन नेशन, वन इलेक्शन जैसी सोच समय की मांग है। यह न केवल चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित करेगा, बल्कि देश की आर्थिक, प्रशासनिक और सामाजिक ऊर्जा को बचाकर उसे रचनात्मक कार्यों में केंद्रित करने का मार्ग खोलेगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता संजय मिश्रा ने अपने उदबोधन में कहा कि “वन नेशन, वन इलेक्शन न केवल एक राजनीतिक सुधार है, बल्कि यह संविधान की भावना के अनुरूप एक दूरगामी विचार है। बार-बार चुनाव से न्यायपालिका पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है, क्योंकि चुनाव संबंधी विवादों की संख्या बढ़ जाती है। एक साथ चुनाव होने से न्यायिक प्रक्रिया को भी राहत मिलेगी।
”कार्यक्रम का सफल संचालन जिला कार्यक्रम प्रभारी नीरज मरकाम द्वारा द्वारा संपूर्ण जिम्मेदारी निभाई गई। वहीं शिवा रानू राजपूत ने सभी आगंतुकों, वक्ताओं एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.