स्मार्ट मीटरों के खिलाफ में जन आंदोलन सफल….
व्यापारियों सहित सभी ग्रामीणों ने निभाई अहम भूमिका रखी दुकाने बन्द.....

दैनिक रेवांचल टाइम्स – प्रदेश सरकार हो या केन्द्र सरकार जिस तरह जनता को राहत तो एक तरफ दिन व दिन महँगाई भ्रष्टाचार घुसखोरी सरकारी धन की लूट और एक तरफ योजनाएं के नाम पर लोगो का खून चूस रही है और जिस तरह से अपना निर्णय जनता पर थोप रही है जिसका अब जनता विरोध प्रदर्शन कर रही है।
वही सिवनी जिले के काँहीवाड़ा में स्मार्ट मीटरों के खिलाफ जनाक्रोश सोमवार को सड़कों पर फूट पड़ा। व्यापारियों के पूर्ण बंद और हज़ारों नागरिकों की भागीदारी से यह विरोध एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले बैठा। “स्मार्ट मीटर हटाओ – जनता को बचाओ” के नारों से क्षेत्र गूंजता रहा, और बिजली विभाग की नीतियों के खिलाफ जनता का गुस्सा खुलकर सामने आया।
कैसे शुरू हुआ आंदोलन…?
सुबह बाजार चौक से प्रारंभ हुई रैली ने बस स्टैंड, मुख्य मार्गों और प्रमुख चौराहों से गुजरते हुए काँहीवाड़ा विद्युत मंडल कार्यालय का रुख किया। रैली के दौरान लोगों ने स्मार्ट मीटर की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर विभाग की कार्यप्रणाली के प्रति रोष व्यक्त किया।
लोगों की प्रमुख शिकायतें…
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। कई उपभोक्ताओं को तो पुराने बिल की तुलना में 8 से 10 गुना तक अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। इसके साथ ही बिजली आपूर्ति में लगातार अनियमितता बनी हुई है, जिससे घरेलू और व्यापारिक गतिविधियाँ प्रभावित हो रही हैं।
प्रमुख माँगें जो ज्ञापन में रखी गईं….
1. स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर फिर से लगाए जाएं
2. अनियमित बिजली कटौती पर रोक लगे
3. ₹340 की अतिरिक्त पेनाल्टी तत्काल समाप्त की जाए
4. विद्युत विभाग में स्टाफ की कमी दूर की जाए
5. आगे की स्मार्ट मीटर प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाए
6. अब तक की अवैध वसूली की राशि उपभोक्ताओं को लौटाई जाए
प्रशासन को चेतावनी सहित सौंपा गया ज्ञापन…
रैली का समापन बस स्टैंड पर हुआ, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने सिवनी विद्युत विभाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुभाष राय को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि माँगों पर शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
भारी जनसमर्थन, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा…
करीब 2000 से अधिक नागरिकों की सहभागिता और व्यापारिक बंद ने इस आंदोलन को जन लहर बना दिया। सुरक्षा के लिहाज़ से केवलारी एस डी ओ पी, काँहीवाड़ा नगर निरीक्षक, सिवनी तहसीलदार अपने पूरे अमले के साथ तैनात रहे। साथ ही फायर ब्रिगेड को भी सतर्क स्थिति में रखा गया।
इस दौरान सिवनी-मंडला रोड पर कुछ देर के लिए चक्का जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे ट्रैफिक बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
आंदोलन का प्रभाव: प्रशासन और राजनीति पर असर तय…..
इस व्यापक आंदोलन ने साफ कर दिया है कि काँहीवाड़ा की जनता अब चुप बैठने वाली नहीं है। आंदोलन में शामिल एक वरिष्ठ नागरिक ने कहा,
> जनता जाग चुकी है, अब चुप नहीं बैठेगी
आंदोलन के दौरान लोगों में यह चर्चा भी जोर पकड़ती रही कि यदि आगामी एक महीने के भीतर समाधान नहीं निकाला गया, तो यह आंदोलन विशाल रूप ले सकता है। ऐसे में यह न केवल प्रशासनिक छवि बल्कि राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।अब सबकी निगाहें प्रशासन की अगली चाल पर टिकी हैं—क्या जनता की माँगें मानी जाएँगी या यह जन लहर और तेज होगी?