गुणवत्ताहीन ग्रेवल सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दिया जाँच का आवेदन

रेवांचल टाइम्स – मंडला, जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र मंडला जिले में इन दिनों भ्रष्टाचार और घटिया गुणवत्ता हीन निर्माण कार्य एजंसियों के द्वारा किये जाना आम बात हो चुकी है क्योंकि इस जिले में शिकायतो की जाँच नही होती है बल्कि जाँच के नाम पर वसूली अभियान चलाया जाता है इस लिये इस जिले में ठेकेदार हो विभाग हो सभी निर्माण एजेंसी भय मुक्त भ्रष्टाचार और निर्माण कार्यों की खाना पूर्ति कर राशि आहरण कर चंपत हो जाती हैं।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के विकास खण्ड नारायनगज में ऐसा ही सामने आया है जहाँ निर्माण एजेंसी शासकीय राशि का बंदरबांट पूरे जिले में देखने मिल रहा है। कहीं कागजों में निर्माण पूरा तो कही आधे अधूरे कार्य पूर्ण बताकर राशि का आहरण किया जा रहा है जिले के अंदर जिला प्रशासन या कानून का भय नजर नही आ रहा है सरकारी योजनाओं को अपनी निजी संपत्ति समझकर सरकारी खजाना खाली कर अपनी जेब भरने का कार्य किया जा रहा है निर्माण कार्य मे गुणवत्ता से कार्य हो रहा या नही किसी को देखने की फुर्सत नही है सिर्फ कमीशन से मतलब है इन्हें पता है कि हमे तो कुछ समय के लिये रहना है अगर शिकायत होती है तो पहले जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी से साठगांठ करते है और नही तो ट्रांसफर करा लेंगे जब तक है हमे इस जिले से क्या लेना देना काम हो या न हो हमे तो अपना देखना है निर्माण कार्य से हमे क्या लेना देना आम जनो की सुविधा के लिए शासन द्वारा समय समय पर राशि स्वीकृत की जाती है पर ठेकेदारों और भ्रष्ट कर्मचारियों की मिली भगत से निर्माण कार्यों में गुणवत्ताहीन निर्माण किया जा रहा है।
ऐसा ही मामला तहसील मुख्यालय नारायणगंज की ग्राम पंचायत पदमी के बेलखेड़ी में ग्रेवल सड़क निर्माण और पुलिया का कार्य कराया जा रहा है। जहाँ पर सड़क निर्माण में नाम मात्र के लिये काली डस्ट का उपयोग किया जा रहा है सड़क की स्वीकृति लगभग 28 लाख बताई जा रही है ठेकेदार के द्वारा पुलिया निर्माण में बगैर बेस और बेड बनाये कार्य किया गया है जिससे पुलिया की मजबूती न बराबर हो गई है।
वही ग्रामीणों का कहना है कि खेतो का पानी इसी पुलिया से हो कर जाता है वर्षा काल मे यह पुलिया रह पायगी या नही यह डर ग्रामीणों को सता रहा है ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से निष्पक्ष जांच के लिये आवेदन दिया है और उन्हें शिकायत के बाद से यह भय भी सता रहा कि सड़क निर्माण कार्य में हुई अनिम्मिताओ और हुए भ्रष्टाचार पर कोई कार्यवाही होगी या फिर जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर कागजो का पेट भर दिया जायेगा। अपना अपना हिस्सा लेकर शिकायत बन्द कर दी जायेगी या फिर शिकायत फाइल में रखे रखें धूल खाते रहेगी अब जनता को जिम्मेदार अधिकारी और जाँच एजंसियों पर विश्वास नही रहा पर मजबूरी है जाये तो जाए कहा कौन सुनेगा और इन भ्रस्टो पर आखिर कौन कार्यावाही करेगा जिससे इनकी हिम्मत न बढ़ सके। स्थानीय लोगो की मांग है कि दिये गए आवेदन में जाँच की जाए और निर्माण एजेंसी के ऊपर कार्यावाही कर गुणवत्ता पूर्ण कार्य कराया जाए जिससे जनता को सरकारी योजनाओं का सही लाभ मिल सकें।