सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय छिन्दवाड़ा में संस्थापक दिवस का भव्य आयोजन

88

 

रेवांचल टाइम्स छिन्दवाड़ा
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय छिन्दवाड़ा द्वारा बैंक के संस्थापक सर सोराबजी पोचाखानावाला की 144वीं जयंती संस्थापक दिवस के रूप में बड़े हर्ष एवं उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्रीय कार्यालय तथा सभी शाखाओं में एकसाथ कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बैंककर्मियों, ग्राहकों एवं आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थापक के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात सभी ने एक साथ केक काटकर संस्थापक दिवस की शुभकामनाएं दीं और मिठाई वितरण किया गया। शाखाओं में ग्राहकों के लिए स्वागत सत्कार की विशेष व्यवस्था की गई, वहीं बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों को इस अवसर पर विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

क्षेत्रीय प्रमुख कुमार उत्कर्ष ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में सर सोराबजी पोचाखानावाला के जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार वर्ष 1911 में सर सोराबजी ने भारतीयों के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से देश का पहला पूर्णत: स्वदेशी वाणिज्यिक बैंक स्थापित किया। उनका दृष्टिकोण केवल बैंकिंग सेवा प्रदान करना नहीं था, बल्कि सामाजिक दायित्व निभाना, आर्थिक स्वतंत्रता को प्रोत्साहित करना और ग्राहकों के विश्वास को सर्वोपरि मानना था।
उन्होंने यह बताया कि बैंक द्वारा इस माह में तीन महत्वपूर्ण कैंप कृषि क्षेत्र,रिटेल क्षेत्र एवं एमएसएमई क्षेत्र हेतु चलाया जा रहा हैः जिसमें ग्राहकों को आकर्षक ब्याज दर पर ऋण मुहैया कराया जा रहा है l इस अवसर पर बैंक द्वारा ग्राहकों को प्रोसेसिंग फी में कुछ छूट दी जा रही है ।उन्होंने सभी ग्राहकों से अपील की है कि वह इस अवसर का फायदा उठाएं एवं अपनी किसी भी जरूरत के लिए सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की नजदीकी शाखा में संपर्क कर अपना ऋण प्राप्त करें।

उन्होंने कहा कि सर सोराबजी के सिद्धांत – ईमानदारी, पारदर्शिता, ग्राहक-केन्द्रित सेवा और नवाचार – आज भी बैंक के संचालन का मार्गदर्शन करते हैं। क्षेत्रीय प्रमुख ने सभी कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे इन मूल्यों को अपने कार्य में आत्मसात करें और बैंक के विकास में निरंतर योगदान दें।

इस अवसर पर कर्मचारियों ने संस्थापक के जीवन से प्रेरित होकर सेवा गुणवत्ता में सुधार, डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने और समाजोपयोगी गतिविधियों में सहभागिता का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

संस्थापक दिवस का यह आयोजन न केवल बैंक के गौरवशाली इतिहास को पुनः जीवंत करता है, बल्कि कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच आपसी विश्वास एवं सहयोग की भावना को भी प्रगाढ़ करता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.