जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत पंचायत पेसा मोबिलाईजर की व्यथा, और मानदेय वृद्धि को लेकर प्रधानमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन

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दैनिक रेवांचल टाइम्स मंडला, 3 जून 2025:जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा एवं विकास के लिए कार्यरत पेसा मोबिलाईजरों ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें प्रस्तुत की हैं। यह ज्ञापन जिला कलेक्टर मंडला के माध्यम से सौंपा गया।

ज्ञापन में बताया गया है कि मध्यप्रदेश के मंडला जिले सहित देश के 6 राज्यों के अनेक जिलों में पेसा एक्ट के तहत कार्यरत पेसा मोबिलाईजर ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने और शासन की योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। वर्तमान में यह मोबिलाईजर को मात्र ₹4000 प्रति माह के अल्प मानदेय पर कार्य कर रहे हैं, जो न तो पर्याप्त है और न ही उनके कार्य के स्तर के अनुरूप।

ज्ञापन में इस बात पर भी चिंता जताई गई है कि केंद्र एवं राज्य सरकार की अनेक योजनाओं को इन पेसा मोबिलाइज़रों के माध्यम से पंचायत विभाग के समस्त कार्य में क्रियान्वित किया जा रहा है, लेकिन इन्हें अब तक नियमित कर्मी का दर्जा नहीं दिया गया है। इसके साथ ही इन्हें दी जाने वाली सुविधाएं भी बेहद सीमित हैं नहीं के समान है।

संघ के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि इन मोबिलाइज़रों को “स्थायी कर्मी” का दर्जा प्रदान किया जाए तथा उनके मानदेय में यथोचित वृद्धि की जाए। जिससे परिवार का पालन पोषण हो सके। इतनी महंगाई के क्षेत्र में देखा जाए तो कम से कम हमारा मानदेय सम्मानजनक 18,000 से 20,000 रु. प्रति माह के हिसाब मानदेय मिलना चाहिए।

इस अवसर पर जिला ग्राम सभा पंचायत पेसा मोबिलाईजर कर्मचारी संघ, मंडला के अध्यक्ष उपेन्द्र कुमार कुढ़ापे, सचिव ललिता किशरों, और मंडला जिला से आए हुए संघ के 9 ब्लॉक अध्यक्ष, सचिव अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।

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