मंडला में धान खरीदी अव्यवस्था: पोर्टल ठप, किसान बिचौलियों के भरोसे

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रेवांचल टाईम्स – मंडला, जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया मंडला जिले में गंभीर अव्यवस्थाओं का शिकार हो गई है। प्रशासनिक लापरवाही और तकनीकी खामियों के चलते हजारों किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए हैं, जिससे जिले में भारी आक्रोश व्याप्त है।
राज्य सरकार द्वारा धान खरीदी की अवधि 1 दिसंबर 2025 से 20 जनवरी 2026 निर्धारित की गई थी। जिले में किसानों को पहले 1 दिसंबर से 8 जनवरी तक ई-उपार्जन पोर्टल पर स्लॉट बुकिंग की सुविधा दी गई। इसके बाद 9 से 13 जनवरी तक पुनः स्लॉट बुकिंग का संदेश किसानों को भेजा गया, लेकिन निर्धारित तिथि आते ही पोर्टल से कैलेंडर और उपार्जन केंद्रों के विकल्प गायब हो गए। परिणामस्वरूप स्लॉट बुकिंग पूरी तरह बंद हो गई।
वही स्थिति यह है कि कई किसान अपनी उपज लेकर उपार्जन केंद्रों तक पहुंचे, लेकिन तौल नहीं हो सकी। टिकरिया, कन्हारगांव, बिछिया, नारायणगंज, सिंगारपुर सहित अनेक केंद्रों पर दर्जनों किसान स्लॉट न मिलने के कारण खरीदी से वंचित रह गए। कई केंद्रों पर धान रखा हुआ है, पर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही।
जमीनी स्तर पर समस्याएं और भी गंभीर हैं। कई उपार्जन केंद्रों पर बारदाने की कमी है, पल्लेदार उपलब्ध नहीं हैं और परिवहन व्यवस्था चरमरा गई है। स्लॉट बुकिंग ठप होने से तुलाई पूरी तरह रुक गई है। मजबूरी में किसान अपनी उपज बिचौलियों और निजी व्यापारियों को समर्थन मूल्य से काफी कम दर पर बेचने को विवश हैं, जिससे उनकी लागत तक निकलना मुश्किल हो रहा है।
किसानों और ग्रामीण प्रतिनिधियों का आरोप है कि पोर्टल की यह समस्या सुनियोजित प्रतीत होती है। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो जिले में आंदोलन की स्थिति बन सकती है। किसानों की मांग है कि तत्काल पोर्टल खोलकर सभी वंचित किसानों को स्लॉट दिए जाएं, खरीदी केंद्रों पर संसाधनों की व्यवस्था हो और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। अब देखना है कि प्रशासन समय रहते किसानों की पीड़ा को समझता है या आंदोलन की राह खुलती है।

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