ध्वजारोहण के अवसर पर,,फहरा दिया तिरंगा

रेवांचल टाईम्स – जिम्मेदार अपने कर्तव्य के प्रति कितने निष्ठावान वह दिखाई पड रहा है जहाँ अपने बजाग तहसील मुख्यालय में आजादी की 79 वी वर्षगांठ बड़े ही धूमधाम से जरूर मनाई गई है। परंतु अमूनन देखा गया है कि ध्वजारोहण के अवसर पर मुख्यालय के अधिकांशत शासकीय संस्थाओं में राष्ट्रीय ध्वज संहिता का पालन नहीं किया गया। और त्रुटिपूर्ण ढंग से तिरंगा फहराया गया है क्षेत्र में आज भी स्वतंत्रता दिवस बड़े ही गर्व और उत्साह के साथ मनाया जाता है लेकिन कब ध्वजारोहण किया जाना है और कब तिरंगा फहराया जाना चाहिए इसकी जानकारी अभी भी कई संस्था प्रमुखों को शायद नहीं है तभी तो अधिकांशत शासकीय संस्थानों में ध्वजारोहण के अवसर पर तिरंगा फहरा दिया गया। भारतीय ध्वज संहिता में उल्लेखित तिरंगे के प्रदर्शन ,सम्मान,ओर उपयोग से संबंधित जानकारी के अभाव में कई राजपत्रित अधिकारियों ने ध्वजारोहण नहीं करते हुए तिरंगा फहरा दिया। इसे प्रशासनिक अमले में जानकारी की कमी कहे या लापरवाही जो कि राष्ट्रीय पर्व के मौके पर देखने को मिली ।विकासखंड मुख्यालय में स्थित अधिकांशत कार्यालयों में संस्था प्रमुखों द्वारा त्रुटिपूर्ण ढंग से तिरंगा फहराने की बात सामने आई है जहां राष्ट्रीय पर्व के मौके पर ध्वजारोहण के स्थान पर तिरंगा फहराया गया। मुख्यालय के कई शासकीय कार्यालयों समेत कार्यालय वन परिक्षेत्र उत्पादन में ऐसा ही दृश्य देखने को मिला। यहां तिरंगे के सम्मान में संस्था प्रमुख द्वारा कोताही बरती गई । इस संबंध में कार्यालय प्रमुख से बात की गई तब उन्होंने ध्वज संहिता के नियमों पर अनभिज्ञता जाहिर की। । वन परिक्षेत्र अधिकारी उत्पादन से इस संबंध बात में बात की गई तो उनके द्वारा झंडा फहराने का तरीका
बिल्कुल सही ठहराया गया है यहां हैरानी की बात यह है कि साहब को इतना भी पता नहीं की स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण किया जाता है या तिरंगा फहराया जाता है,जानकारी के मुताबिक ध्वजारोहण के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज को ससम्मान पहले नीचे से ऊपर की ले जाकर फहराया जाता है गौरतलब है कि ध्वजारोहण प्रधानमंत्री के द्वारा लाल किले की प्राचीर से किया जाता है इसका इतिहास 15 अगस्त 1947 से जुड़ा हुआ है जब भारत आजाद हुआ था तो उस समय ब्रिटिश झंडे को नीचे उतारकर भारत का राष्ट्रीय झंडा ऊपर चढ़ाया गया था तभी से स्वतंत्रता दिवस के दिन राष्ट्रीय ध्वज को नीचे से ऊपर की ओर ले जाया जाता है और फिर ध्वजारोहण किया जाता है यह प्रक्रिया स्वतंत्रता दिवस के दिन ही होती है

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