प्रभारी प्राचार्य के संरक्षण में भोमा पीएम श्री स्कूल में मनमानी! बच्चों का भविष्य दांव पर

संकुल केंद्र पी एम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भोमा मे शिक्षकों/कर्मचारी द्वारा महीने में एक दिन आकर पूरे महीने की हाजिरी साइन, प्रभारी प्राचार्य की नाक के नीचे चल रहा घोटाला
शिक्षक गायब, भृत्य गायब, क्लासरूम खाली! क्लासरूम की सफाई नही, भ्रष्टाचार की छत्रछाया में लुट रहा शिक्षा का मंदिर
शिकायत पर धमकी, पढ़ाई बनी मजाक! कब जागेगा शिक्षा विभाग?
भोमा पीएम श्री स्कूल में घोटालों का अड्डा! बच्चों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़, शिक्षक कर रहे मनमानी
दैनिक रेवांचल टाइम्स सिवनी जिले के ग्राम भोमा में स्थित पीएम श्री स्कूल में शिक्षा के नाम पर घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार का खुला खेल चल रहा है। यहां प्रभारी प्राचार्य और शिक्षा विभाग के संरक्षण में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कई शिक्षक महीनों तक क्लासरूम से नदारद रहते हैं। हैरानी की बात यह है कि ये शिक्षक महीने में सिर्फ एक दिन आते हैं, आधे घंटे में रजिस्टर पर पूरे महीने की हाजिरी साइन करते हैं और गायब हो जाते हैं।
निजी धंधों में व्यस्त शिक्षक, बच्चों के भरोसे सिर्फ भगवान!
सूत्रों के मुताबिक, कुछ शिक्षक अपनी ड्यूटी छोड़कर निजी दुकानों और व्यक्तिगत धंधों पर ध्यान दे रहे हैं। स्कूल में बच्चों के पीरियड्स लगातार मिस हो रहे हैं। परीक्षा नजदीक होने के बावजूद क्लासेस नहीं लग रही हैं। बच्चों की शिकायतों को दरकिनार कर उन्हें चुप कराने का दबाव बनाया जा रहा है।
बच्चों को धमकी – 181 पर शिकायत की तो मिलेगा TC!
शिक्षा का मंदिर कहलाने वाले स्कूल में बच्चों को धमकाया जा रहा है कि अगर उन्होंने 181 पर शिकायत की, तो उन्हें स्कूल से निकाल दिया जाएगा। प्राचार्य बच्चों के आवेदन पत्रों पर भी पत्राचार से बच रहे हैं। यह सब तब हो रहा है जब शिकायतें हर स्तर तक पहुंच चुकी हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी और प्रभारी प्राचार्य की मिलीभगत?
मामले की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी और जनशिक्षा अधिकारी तक की गई, लेकिन किसी ने भी जांच की जहमत नहीं उठाई। सवाल यह है कि क्या इन अधिकारियों ने भी अपनी आंखों पर भ्रष्टाचार की पट्टी बांध ली है? आखिर क्यों कार्रवाई नहीं हो रही है?
लाखों के मद में घोटाला, बच्चों का भविष्य दांव पर
पीएम श्री स्कूल को शिक्षा सुधार और बेहतर सुविधाओं के नाम पर लाखों रुपए का बजट दिया गया है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सभी मदों में खुली लूट हो रही है। बच्चों को शिक्षा देने के बजाय भ्रष्टाचार की मलाई काटी जा रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि –
क्या शिक्षा विभाग इस घोटाले पर कार्रवाई करेगा? बच्चों की शिकायतों को कब मिलेगा न्याय? या फिर भोमा पीएम श्री स्कूल भ्रष्टाचारियों का अड्डा बना रहेगा?