पंडरीपानी सचिव रहते है नदारत,,योजनाएं हो रही प्रभावित,

सरपंच सहित ग्रामीण कर चुके है जनपद में शिकायत,,नहीं हो रही कार्यवाही,

शासकीय राशि गबन के लगे आरोप ,

,काम नहीं करने और ग्रामीणों को धमकाने के भी आरोप,

रेवांचल टाईम्स – डिंडौरी जिले के बजाग जनपंद करंजिया अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी सचिव की मनमानी पूर्वक कार्यप्रणाणी से ग्राम पंचायत के पदाधिकारी सहित ग्रामीण भी परेशान है। ग्रामीण के अनुसार सचिव अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह है लोगो का कहना है कि सचिव नियमित रूप से तथा समय पर कार्यालय नहीं आते ।महीने भर में मुश्किल से दो चार दिन ही कार्यालय में उपस्थित होते है जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण दिवस में भी अनुपस्थित रहते हैं जिसके कारण शासकीय योजनाएं वाले सभी कार्य प्रभावित हो रहे है।ग्रामवासी जरूरी कार्यों से कार्यालय के चक्कर काटते फिर रहे है रोजगार मूलक ,हितग्राही मूलक कार्य ठंडे बस्ते में पड़े हुए है।बताया गया है कि उक्त सचिव के पास दो ग्रामपंचायत पंडरीपानी समेत थाढपथरा का भी प्रभार है गैरहाजरी के चलते दोनों ही पंचायत के कार्य लंबित पड़े हुए है ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में शिकायत करने के बाद भी संबंधित विभाग के अधिकारी उनकी सुध नहीं ले रहे है जिससे ग्रामीणों को समझ में नहीं आ रहा की आखिरकार उनकी समस्या का निदान कैसे हो।सचिव के लगातार नदारत रहने और गैर जिम्मेदाराना रवैए से त्रस्त होकर ग्रामपंचायत के सरपंच, उपसरपंच, पंच सहित ग्रामीणों ने बीते दिनों जनपद कार्यालय में जिला पंचायत सी ई ओ के नाम मुख्यकार्यपालन अधिकारी को इस आशय की शिकायत की है परंतु आज तक कोई सुनवाई नहीं होने से ग्रामीण निराश और हताश है

मुख्यकार्यपालन अधिकारी को दिए गए शिकायत पत्र में सरपंच ,उपसरपंच, पंच सहित ग्रामीणों ने उल्लेख किया है कि
सचिव के लगातार नदारत रहने से ग्राम पंचायत के सर्वगीण विकास एवं अन्य योजनाओं के कार्य प्रभावित हो रहे है नामजद आवेदन में कहा गया है कि सचिव दिलीप मरावी पंचायत भवन में महीने में दो या तीन बार ही उपस्थित होते हैं जिस कारण से ग्राम पंचायत के आमजन अपने किसी भी कार्य के लिए परेशान होते रहते हैं पंचायत के जरुरी कार्य जैसे समग्र केवाईसी ,,जन्म प्रमाण पत्र,, पेंशन ,संबल कार्ड ,,एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्य जो कि सचिव के द्वारा किया जाना है, वह पूरी तरह से ठप्प है इसके अलावा जरूरी दस्तावेजों में सचिव के हस्ताक्षर आवश्यकता होने पर है सचिव से कोई संपर्क नहीं हो पाता। ग्राम पंचायत किसी भी व्यक्ति या स्वयं सरपंच का भी फोन नहीं उठाते हैं,कभी कार्यालय आ भी गए तो जनहितैषी कार्य निपटाने की बजाय खानापूर्ति करके चले जाते है इतना ही नहीं काम नहीं करने पर सवाल उठाने वाले ग्रामीणों को धमकी दी जाती है पंडरीपानी में नए ग्राम पंचायत भवन के निर्माण की स्वीकृति हुई है जिसके स्थल निरीक्षण के लिए जनपद पंचायत करंजिया से प्रपत्र जारी हुआ था जिसमें सरपंच सहित सचिव के हस्ताक्षर की जरूरत थी जिसमें हस्ताक्षर करने के एवज में सचिव कहा कि 37 लाख का भवन है सरपंच से पैसा लेकर आओ।तभी साइन करूंगा।बीते सत्र में 28 जुलाई.2024 को ग्राम पंचायत से 55 हजार में बाजार नीलामी हुई थी उस राशि को सचिव ने आज तक ग्राम पंचायत के खाते में जमा नहीं किया।इस वर्ष भी हाट बाजार नीलामी की राशि 75 हजार में से ₹65 हजार पंचायत को दी गई। शेष राशि ₹10000 का गबन कर लिया गया, ग्रामीणों का कहना है कि सचिव के कार्यकाल से समस्त ग्रामवासी एवं ग्राम पंचायत के समस्त पंचगंण और सरपंच सभी असंतुष्ट हैं ग्रामीणों ने सचिव को हटाने की मांग की है तथा उक्त प्रभार रोजगार सहायक चैन सिंह मरावी देने की मांग भी की है।

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