छिंदवाड़ा में काली फिल्म लगी कारो पर पुलिस की पैनी नजर ब्लैक फिल्म लगाकर घूम रहे कार मलिकों पढ़ रहा है महंगा पुलिस अधीक्षक कि इस कार्रवाई से लोगों में हर्ष

रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा शहर समेत जिले में काली फिल्म और अन्य राज्यों की नम्बर प्लेट लगी लग्जरी कारों पर पुलिस की पेनी नजर हैं । अभी तक सीट बेल्ट और दस्तावेज न होने पर यातायात टीम चालानी कार्रवाई कर रही थी, अब काली फिल्म लगाकर घूम रहे कार सवारों पर भी पुलिस की पेनी नजर रहेगी । पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता गुप्ता के निर्देशन पर यातायात और जिले के सभी थानों की पुलिस काली फिल्म लगी कारों के चालान काट रही हैं पुलिस अधीक्षक कि इस कार्रवाई से लोगों में हर्ष हैं कुछ लोगों का कहना है काली फिल्म के आड़ पर अपराध को अंजाम देने के बाद गाड़ी में बैठकर अपराध करने वाला व्यक्ति भाग जाता है फिल्म की आड़ में ना तो पुलिस पहचान पाती है और ना ही व्यक्ति समझ पाता है इस कार्यवाही की चहुंओर प्रशंसा की जा रही है
यातायात उप पुलिस अधीक्षक रामेश्वर चौबे ने बताया कि शहर की सडक़ों पर काली फिल्म लगी कार और राज्य से बाहर के नम्बर प्लेट वाले वाहन अधिक दिखाई दे रहे हैं, ऐसे वाहनों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा हैं । अभियान में थानों की पुलिस और यातायात टीम ने 29 कार (वाहनो) के काँच में लगी काली फिल्म निकालकर 14,500/- (चौदह हजार पांच सौ रुपये), दो पहिया बुलेट वाहन में मोडिफाईड सायलेंसर में 02 मो.साय. पर 2,000/- रुपये , बिना हेलमेट व अन्य वाहनो की चैकिंग कर 85 वाहनो पर 38,100/- (अड़तीस हजार एक सौ रुपये), वाहन चालको पर न्यायालीन कार्यवाही करते हुए इस प्रकार कुल 116 वाहनो पर कुल 54,600/- (चौवन हजार छः सौ रुपये)* समंस शुल्क राशि वसूल कर चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई की गई हैं तथा विशेष अभियान के तहत् तीन पहिया वाहन (ऑटो) में 169 ऑटो* के साथ-साथ चालकों की भी सघन चेकिंग की गई l
कारों के काँच पर ब्लैक फिल्म लगवाना की क्यों हैं मनाही
कारों के ग्लास पर ब्लैक फिल्म लगाने पर रोक लगाने के पीछे का मकसद अपराध को कम करना या फिर अपराधियों की पहचान करना हैं, कारों के ग्लास पर ब्लैक फिल्म लगी होने के बाद पुलिस को या किसी भी व्यक्ति को कार के अंदर बैठे व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाती हैं, ऐसे में अगर कोई अपराधी कार के अंदर किसी अपराध को अंजाम दे रहा हो या फिर कोई शातिर अपराधी कार में बैठकर फरार हो रहा हो तो किसी को पता नहीं चल पाता, ब्लैक फिल्म कोटेड कारों का इस्तेमाल अक्सर अपराध को अंजाम देने के लिए किया जाता रहा हैं, फलस्वरुप उच्चतम न्यायालय द्वारा भी इसके खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिये हैं ।
आगे भी अभियान निरन्तर जारी रहेगा
यातायात टीम और थानों की पुलिस द्वारा अभियान चलाकर प्रत्येक दिन शहर की सडक़ों पर घूम रही काली फिल्म लगी कारों के चालकों पर कार्रवाई करेगी। पुलिस अधीक्षक छिंदवाड़ा द्वारा वाहन चालकों से अपील की गई हैं कि वे यातायात नियमों का पालन करें और कार्रवाई से बचने के लिये स्वयं ही कार के शीशों से काली फिल्म एवं बुलेट मोटर सायकिल से मोडिफाइड साइलेंसर हटा लें ।