वेबजीआईएस 2.0 पोर्टल की खामियों से पटवारियों का मोहभंग – 1 सितंबर से कार्य बहिष्कार करेंगे पटवारी

रेवांचल टाईम्स – मंडला, मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने नवीन ऑनलाईन वेबजीआईएस 2.0 पोर्टल पर लगातार बनी तकनीकी खामियों और कार्यों में हो रही गड़बड़ी को लेकर मध्य प्रदेश के पटवारी परेशान हैं। मजबूरन परेशानियों को लेकर आंदोलन का रास्ता चुन लिया है। पटवारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सुधार नहीं किए गए तो प्रदेशभर के पटवारी आगामी 1 सितंबर 2025, से पोर्टल पर होने वाले कार्यों से पूरी तरह विरत रहेंगे। इसी कड़ी में मप्र पटवारी संघ द्वारा प्रांतीय आव्हान पर सोमवार को प्रमुख सचिव (राजस्व) मध्यप्रदेश शासन के नाम कलेक्टर को सौंपा है। पटवारी संघ ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि पोर्टल पर सुधार ना होने से राजस्व न्यायालयों के आदेशों का अमल, खसरा आधार ई-केवाईसी सत्यापन, साइबर तहसील नामांतरण एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके चलते किसान परेशान हैं और बड़ी संख्या में सीएम हेल्पलाइन में शिकायतें दर्ज हो रही हैं। पटवारी संघ ने आरोप लगाया कि पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के कारण मुख्यमंत्री की घोषणाओं, जैसे त्वरित नामांतरण, बंटवारा एवं दुरुस्ती — पर भी अमल नहीं हो पा रहा है। इसके बावजूद जिलों में अधिकारियों द्वारा पटवारियों पर अनुचित दबाव बनाते हुए सस्पेंशन, कारण बताओ नोटिस एवं वेतन रोकने जैसी कार्रवाइयाँ की जा रही हैं। संघ ने ज्ञापन में साफ किया है कि 1 सितंबर से पटवारी वेबजीआईएस 2.0 पोर्टल पर कार्य नहीं करेंगे, हालांकि अन्य सभी शासकीय कार्य यथावत संपादित होते रहेंगे। संघ का कहना है कि इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। मध्य प्रदेश पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष गीतेंद्र (गीतू) बैरागी ने बताया कि पोर्टल में लगातार बनी गड़बड़ियों को लेकर संघ ने कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराया है। तकनीकी खामियों को दूर करने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पटवारी संघ ने यह भी कहा कि संघ चाहता है कि शासन तत्काल तकनीकी विशेषज्ञों और अनुभवी पटवारियों की संयुक्त समिति बनाकर समाधान निकाले, ताकि किसानों को राहत मिले और पटवारियों पर हो रही कार्यवाही रोकी जा सके। इस दौरान जिले के अनेक पटवारी मौजूद रहे।