ग्रामीण जनों ने किया आवास न मिलने की शिकायत
सचिव पर लगाये पैसे लेकर आवास सूची में नाम लाने के आरोप
रेवांचल टाइम्स मंडला- आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र मंडला जिले में शिकायत और जांच का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है आये दिन ग्राम पंचायत से लेकर जन सुनवाई तक शिकायत होती है लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति ही हाथ लगती है
ऐसा ही मामला तहसील मुख्यालय घुघरी की ग्राम पंचायत घोरेघाट का सामने आया है जहां पर ग्रामीण जनों ने जन सुनवाई में आवेदन देकर वर्ष 2020-21 में पी.एम.आवास की सूची में नाम लाने को लेकर सचिव और उनके सहायक पर राशि लेने का आरोप लगाया है जिसमें ग्राम वासियों ने कहा है कि सचिव के द्वारा पैसे लेकर पी एम आवास दिलाने की बात कही गई थी साथ ही ग्रामीणों का आरोप है कि अपने ही कंप्यूटर से प्रिंट कर आवास योजना की लिस्ट तैयार कर पंचायत के बोर्ड में चस्पा कर दी गई थी लेकिन इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक आवास सूची में नाम नहीं आया इसलिए ग्राम वासियों ने जन सुनवाई में शिकायत की है.
वहीं सूत्र बताते हैं कि घोरेघाट ग्राम पंचायत में हमेशा झूठी शिकायत पंच और उनके सहयोगियों के द्वारा हमेशा होती रहती है जिसमें बिना किसी आधार के झूठी शिकायत कराकर पंचायत के जनप्रतिनिधि और कर्मचारियों पर दबाव बनाया जाता है
इनका कहना है
पी एम आवास के लिए वर्ष 2020-21 में सचिव घोरेघाट और उनके सहायक के द्वारा आवास सूची में नाम दिलाने के नाम पर 1500 से 3000 तक की राशि ली गई थीं लेकिन आज तक आवास योजना के पंचायत पोर्टल में नाम नहीं आया है जिसकी शिकायत हमने जन सुनवाई में की है.
पतिराम उईके
पंच घोरेघाट
आरोप निराधार है और झूठी शिकायत की गई है पी एम आवास के लिए किसी से कोई पैसा नहीं लिया गया है
रेवा मरावी
सचिव घोरेघाट