अवैध कॉलोनियों को वैध करने की कार्रवाई अधर में…,डेवलबमेंट के नाम पर शून्य

रेवांचल टाइम्स मंडला नगर पालिका क्षेत्र से लगे उपजाऊ खेतों को पड़ती खेत बता कर भू- माफिया प्लाटिंग कर अवैध कॉलोनी आबाद हो रही है। लेकिन इन्हे वैघ करने के लिए जी जान से भू माफिया लगे हुए है और यह गोरख धंधा जोरो से चल रहा है पर जिला प्रशासन ध्यान नही दे रही है करीब दो साल पहले प्रदेश की भाजपा सरकार ने ऐसी अवैध कॉलोनियों को वैध करने के निर्देश सभी निकाय को जारी किए थे। यहां मंडला नगरीय निकाय करीब 13 अवैध कॉलोनी का सर्वे कर नोटिफिकेशन जारी किया लेकिन लंबे समय के बाद भी इन कॉलोनी को वैध कर विकसित करने कार्रवाई अटकी हुई है। इसके चलते कॉलोनियों के रहवासियो को मूलभूत सुविधाओ के लिए परेशान होना पड़ रहा है। लोगो को सड़क पानी नाली व बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई है।
बताया गया है कि शासन ने वर्ष 2016 से 2022 तक बनी अवैध कॉलोनियों को वैध करने निर्देश जारी किए दो साल से अधिक समय बीत गया है। इसको लेकर
नगरीय निकाय मंडला ने अवैध कॉलोनियों का चिन्हांकन का कार्य पूरा किया। नोटिफिकेशन जारी कर कालोनी के वैध करने की प्रक्रिया में शुरू की। नपा की सर्वे में कॉलोनी सड़कों का प्लान तैयार किया गया। अवैध कॉलोनियों में कितनी सड़कें होंगी और वह कैसे बनेंगी। उनकी लागत क्या होगी। दूसरा ले.आउट में कॉलोनियों के घरों के पानी की निकासी किस तरह हो रही है। कितनी नालियां रहेंगी और वहां की जनसंख्या के मान से यह कितनी चौड़ाई और गहराई में बनाई जाएं। इसमें सभी तरह से पानी निकासी को देखा गया। कॉलोनी में पेयजल सप्लाई की व्यवस्था नल कनेक्शन व पेयजल टंकी का निर्माण होगा। इसके अलावा कॉलोनी की स्ट्रीट लाइट लगाए जाने का प्लान बनाया गया। अवैैध कॉलोनी को वैध करने की प्रक्रिया पूरी कर नगरीय निकाय ने फाइल कलेक्ट्रेट भेजी गई लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
रहवासियो को सुविधाओं का इंतजार
शहर में अवैध कॉलोनियों में निवासरत लोगों को मूलभूत सुविधाओं की दरकार है। कई ककॉलोनी में सड़क नाली तक नहीं है। यहां तक प्लाट काटने वाले के सब्जबाग के चलते लोग अपने को ठगा सा महसूस हो रहे है। जानकारी के अनुसार शहर के सरदार पटेल वार्ड, महाराजपुर, सुभाष वार्ड व अन्य वार्ड कई कॉलोनियां बनाई गई हैं। यहां के लोग सड़क व पानी की सुविधा के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। उन्हे कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
70 से 75 रूपए वर्ग फिट शुल्क
बताया गया है कि नगर पालिका मंडला ने 13 अवैध कॉलोनी के लिए विकास शुल्क दर 70 से 75 रूपए वर्ग फिट निर्धारित किया है। यह राशि जमा करने के बाद कॉलोनी को वैध करने की प्रक्रिया होगी लेकिन अभी विकास शुल्क की राशि जमा नहीं हुई। खास बात यह है कि अवैध कॉलोनी के प्लाट काटने वाले कॉलोनाइजर पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बता दें कि कॉलोनियों के वैध हो जाने से इनमें रहने वाले 2000 से अधिक परिवारों को फायदा मिलेगा। अभी इन कालोनियों में सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। क्या ये अवैध कॉलोनी वैध हो पायेगी और कॉलोनाइजर इन कालोनियों के रह वासियों को मूल भूत सुविधा दिलवा पायगे ?

Leave A Reply

Your email address will not be published.