कान्हा के सरही जोन से अब सुबह 19 और सायं 17 वाहन प्रवेश करेंगे

रेवाँचल टाईम्स – मंडला कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) से कान्हा टाइगर रिजर्व मंडला के सरही की पर्यटक प्रवेश टिकिट सरही गेट से ही प्रवेश दिलाने हेतु आदेश जारी किया है । इस आदेश में उल्लेखित किया गया है कि सुबह 19 एवं सायं को 17 परमिट प्रवेश करेंगे ।
वर्षों से उपेक्षित सरही गेट में बढ़ेगा पर्यटन
सरही गेट वर्ष 2008 में खुला था लेकिन इस गेट से सफारी करने हेतु वाहनों की एंट्री सीमित थी जिस कारण स्थानीय रोजगार में संकट पैदा हो गया था। स्थानीय होटल/रिसॉर्ट, ड्राइवर, जिप्सी संचालक, गाइड, स्थानीय दुकानें, नृतक दल, सांस्कृतिक कार्यक्रम करने वाले बैगा जनजातियों का समूह,महिला समूह आदि से लेकर ग्रामीणों को रोजगार नहीं मिल पा रहा था इसका मुख्य कारण यही था कि इस जोन की सफारी करने वाली सभी जिप्सियों की एंट्री यहां से न होकर कुछ ही जिप्सियों की एंट्री यहां से हो रही थी और पर्यटक भी अन्य प्रवेश गेट से लगे होटलों/रिसॉर्ट के रुक रहे थे ।
बैगा जनजाति के लोगों को भी नहीं मिल पा रहा था रोजगार- अब जागी उम्मीद
वर्ष 1969 में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के अंदर के कई गांवों को विस्थापित किया गया जिसमें से एक गांव जिसे विस्थापित कर ग्राम भानपुर खेड़ा बसाया गया जो कि ग्राम पंचायत कटंगामाल में आता है और इसी ग्राम पंचायत क्षेत्र से कान्हा का सरही गेट है। ग्राम भानपुर खेड़ा जनजातीय बाहुल्यता वाला ग्राम है यहां बैगा और गोंड जनजाति के लोग निवास करते हैं कान्हा का गेट होने के बावजूद भी यहां स्थानीय रोजगार उपलब्ध नहीं हो पा रहा था जिस कारण लोग अन्य राज्यों में काम की तलाश में पलायन करने को मजबूर थे । वर्तमान में सभी पर्यटक वाहनों की प्रवेश संबंधी आदेश होने से ग्रामीणों को उम्मीद है कि स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय लोगों के संघर्ष के बाद हुआ पर्यटक वाहनों के प्रवेश का निर्णय
गेट खुलने के बाद लगातार यहां के वाहनों के प्रवेश को लेकर स्थानीय लोग संघर्ष कर रहे थे और पिछले एक दशक से अधिक समय से आवेदन निवेदन का सिलसिला चल रहा था। वर्ष 2022 में वाहनों के प्रवेश संबंधी आदेश होने के बाद भी उसका पालन नहीं किया जा रहा था इसके बाद स्थानीय लोगों के द्वारा मुख्य वन संरक्षक को इस विषय की गंभीरता बतलाई गई तब जाकर पूरे वाहनों के प्रवेश संबंधी विषय का समाधान हो पाया। इस आदेश के बाद स्थानीय लोगों में हर्ष व्याप्त है और अब उनकी उम्मीद रोजगार मिलने के प्रति जाग गई है ।