बालक और बालिका कबड्डी के खेल में मैदान में केंद्रीय मंत्री की ताली की बौछार में कांग्रेस जिला अध्यक्ष का प्रहार रचा नया इतिहास
खेल दिवस बना ज्वाला दिवस का रूप ले कांग्रेस का करारा तमाचा से गूँज उठा निवाड़ी

रेवांचल टाइम्स – देश और प्रदेश दिन व दिन अजब गजब कारनामों से जाने लगे हैं, निवाड़ी जिले में ये कैसा खेल दिवस मनाया गया जहां पर बालिकाओं के साथ बालकों को मैदान में उतार दिया बालक बालिका को सारे खेल के दौरन पकड़ते नजर आ रहे है, खेल दिवस में इस खेल को अब स्थानीय लोगो इसे शर्मनाक बता रहे है और जाँच की मांग कर रहे हैं।

वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार टीकमगढ़ के निवाड़ी जिला में भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र खटीक कलेक्टर लोकेश जांगिड़, एंव जिला कप्तान रायसिंह नरवरिया कि उपस्तिथि में खेल दिवस ज्वाला दिवस का रूप ले निवाड़ी जिला में कांग्रेस के शब्द वाणो की गूँज मची है ! मध्यप्रदेश में ऐसा कारनामा पहले कभी नहीं हुआ! वह कारनामा जिला खेल विभाग निवाड़ी ने कर दिखाया ! जहा खेल दिवस में निवाड़ी में लड़कियों का लड़को के सांथ कबड्डी मैच करा जिला खेल विभाग प्रदेश में एक नया इतिहास रचना चाह रही थी क्योंकि ऐसा मैच अंतराष्ट्रीय से लेकर राष्र्टीय लेविल तक नहीं हुआ जिला खेल विभाग के मंसूबो में कांग्रेस ने कालिख कि मोहर लगा दी! निवाड़ी में युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष रत्नेश द्विवेदी ने जिला खेल विभाग की करतूत को अपने शब्द वाणी से बे-बाकी से रखा पूरे जिला में चर्चा का विषय बना हुआ है इनके कथन्नुसार अब तक हमे राज्य, राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महिला व पुरुष के बीच कबड्डी की प्रतियोगिता नहीं देखी ! अब निवाड़ी जिला में अधिकारी इससे बड़ा कौन सा आयोजन करा रहे है !जिसमे बच्चियों को पुरुष वर्ग की टीम से भिड़ा रहे आगे अपने कथन में कहा इसकी गंभीरता से जाँच होनी चाहिए कि क्या लड़कियों और उसके पालक से सहमती ली गई है य नहीं ! ऐसा मंच है जहाँ केंद्रीय मंत्री, कलेक्टर, निवाड़ी एसपी, अन्य अधिकारी मौजूद थे ! राष्ट्रीय स्तर में मनाया जाना वाला खेल दिवस का उद्देश्य युवाओ को खेल के प्रति प्रेरित करता और खिलाड़ियों को उचित मंच उपलब्ध कराना लेकिन विभाग कि लापरवाही और कुप्रबंधन को उजागर कर दिया है।
लड़के और लड़कियों के लिए मैदान का साइज अलग-अलग होता है
वजी कबड्डी की प्रशिक्षक संगीता सिंह बताती हैं कि दोनों के मैच हो सकते हैं या नहीं इसकी कोई गाइड लाइन नहीं है। जब कभी प्रैक्टिस मैच होते हैं तो उसमें महिला खिलाड़ियों की सहमति के साथ उनके अभिभावकों की सहमति जरूरी होती है। भारतीय शौकिया कबड्डी महासंघ के नियम पुस्तिका में पुरुष और महिला खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग मैदान का आकार निर्धारित है। इसी तरह सब जूनियर वर्ग के लिए भी लिंग के अनुसार अलग माप दिए गए हैं। इससे यह स्पष्ट है कि आधिकारिक प्रतियोगिताएं लिंग के आधार पर अलग-अलग होती हैं।
स्थानीय जनता और कांग्रेस के रही विरोध
वही इस आयोजन को लेकर स्थानीय जिम्मेदार लोग ज्ञापन सौपने की तैयारी में जुट गए हैं। और दबी जुबान से हुए इस खेल की और प्रशासन की निंदा कर रहें हैं।