एक बार फिर हुई मानवता शर्मसार जिम्मेदारों की लापरवाही….
जिला अस्पताल में रात भर तड़पते रही गर्भवती महिला, सुबह हो गई मौत…..
परिवार को मिलने तक नहीं दिया, दो मासूम बच्चों का क्या होगा ?
दैनिक रेवांचल टाइम्स सिवनी – सिवनी में जब मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ था तब दावा किया जा रहा था कि सिवनी के जिला अस्पताल में बेहतर से बेहतर इलाज मिलेगा और लोगों को नागपुर व जबलपुर जाने से राहत मिलेगी लेकिन हकीकत यह है कि आज भी जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है खासकर गर्भवती महिलाओं को। गर्भवती महिलाएं जान हथेली पर रखकर अस्पताल में भर्ती होती है और इलाज के अभाव में बच्चों सहित उनकी मौत हो जाती है। ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा आज हुआ। बताया जाता है कि केवलारी विकास खंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम मोर डोंगरी छुई निवासी सुषमा पाल पति सुशील पाल को शुक्रवार को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन उसे सिवनी के जिला अस्पताल ले गए जहां उसे भर्ती कर लिया गया। बताया जाता है कि रात से सुषमा को दर्द हो रहा था लेकिन ना तो ड्यूटी डाक्टर ने ध्यान दिया और ना ही नर्सों ने। रात भर परेशान रहने के बाद जब उसके परिजनों ने महिला से मिलने का प्रयास किया तब उन्हें महिला से मिलने नहीं दिया गया।
वही जानकारी के अनुसार दोपहर तक भी महिला का ना तो ऑपरेशन किया गया और ना ही नॉर्मल डिलेवरी कराई गई। आखिरकार दर्द से परेशान गर्भवती महिला ने दोपहर के समय दम तोड़ दिया। मृतिका के भाई ने बताया कि उसकी बहन सुषमा पाल की दो छोटी-छोटी पुत्रियां हैं और तीसरी डिलीवरी होना था जिसके लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने समय रहते उनकी बहन का ना तो ऑपरेशन किया और ना ही नॉर्मल डिलीवरी कराई जिसके कारण उसकी रात भर तड़पते रही और दोपहर के समय बच्चों को जन्म दिए बिना बहन की मौत हो गई । जबकि परिजन अस्पताल प्रबंधन के सामने गिड़गिड़ाते रहे लेकिन अस्पताल प्रबंधन में कोई ध्यान नहीं दिया। अब जबकि एक गर्भवती महिला गर्भ में पल रहे बच्चे के साथ दो मासूम बच्चों को छोड़कर मौत के मुंह में समा गई ऐसे में सवाल उठता है कि सुषमा की मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा?