सिलपुरा ग्राम पंचायत में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का मामला, ग्राम सभा ने की कार्रवाई

जिला कलेक्टर को सौंपा आवेदन, शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की रखी मांग

 

रेवाचल टाइम्स मंडला – ग्राम पंचायत सिलपुरा मे शासकीय भूमि खसरा नं 245 246 51रकबा 4.04 7.52 जिस पर रेशम केंद्र संचालित है उक्त भूमि ग्राम वासियों कीसार्वजनिक निस्तार की भूमि है भविष्य में यहां पर हाई स्कूल उप स्वास्थ्य केंद्र कन्या शाला छात्रावास अन्य शासकीय हेतु सुरक्षित रखी जानी है दिनांक 23 /01/ 2021 ग्राम सभा में ग्राम वासियों ने सर्व सम्मति से अनुमोदन किया गया कि यह भूमि किसी भी स्थिति में स्थानांतरित नहीं किया जावे एवं अन्य शासकीय भूमि रेशम केंद्र के आसपास की खसरा नंबर 245 246 51 में जो भी किसान खाली जमीन समझ कर फसल लगा देता है और बाद में मेरा कब्जा कहकर जमीन अपने नाम करने हेतु आवेदन करता है उक्त जमीन में जो भी किसान विशेष कर ग्राम पंचायत मानदेई के ग्राम सुरंग देवरी निवासी सोहनलाल धुर्वे पिता बैसाखू लाल के द्वारा अवैध अतिक्रमण कर लिया है ग्राम वासियों द्वारा मना करने पर विवाद करता है ग्राम सभा बैठक दिनांक 25/ 1/22 पर कब्जा हटाने संबंधी प्रस्ताव पारित किया गया तहसील कार्यालय मंडला में दिनांक 28/ 2/ 2022 को प्रस्ताव करवाई हेतु जमा किया जा चुका है परंतु आज दिनांक तक अतिक्रमण कारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है जिला कलेक्टर से सिलपुरा सरपंच ने मांग की कि रेशम केंद्र की भूमि एवं अन्य शासकीय भूमि से अतिक्रमण
पर लंबे समय से निजी व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है।
ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों ने बताया कि लगभग 10 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा होने से न केवल रेशम केंद्र के कार्य प्रभावित हो रहे हैं बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं में भी बाधा उत्पन्न हो रही है। रेशम केंद्र की भूमि, जो मूल रूप से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक विकास के लिए सुरक्षित की गई थी, अब अतिक्रमण के कारण बेकार होती जा रही है। पंचायत ने इसे गंभीर समस्या बताते हुए तत्काल प्रभाव से प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है। कि यदि शीघ्र ही अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो शासकीय संपत्ति पर विवाद और बढ़ सकता है, जिससे सामाजिक तनाव की स्थिति बन सकती है। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा की है कि निष्पक्ष जांच कर संबंधित विभागों के सहयोग से अवैध कब्जे हटाए जाएं, ताकि रेशम केंद्र की मूल उपयोगिता पुनः स्थापित हो सके।सरपंच ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से चल रहे इस अतिक्रमण की वजह से क्षेत्र के विकास कार्य ठप पड़े हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कितनी तेजी से संज्ञान लेता है और सरपंच ने स्पष्ट किया कि यह भूमि हाई स्कूल, उपस्वास्थ्य केंद्र, छात्रावास, शाला भवन एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित रखी जानी चाहिए।ग्रामवासियों के भविष्य को देखते हुए इस भूमि का उपयोग केवल शासकीय योजनाओं के लिए किया जाना आवश्यक है। इसलिए अतिक्रमण को शीघ्र हटाकर भूमि को सुरक्षित किया जाए।

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