खाद्यान्न नही मिलने से ग्रामीण हो रहे परेशान प्रशासन ने लिया संज्ञान

केंद्र व राज्य सरकार की योजना का लाभ नहीं मिल रहा बैगा आदिवासी हितगहियों को
रेवांचल टाईम्स – मंडला, केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देश में 80 करोड़ राशन कार्ड धारकों को लाभ पहुचाने का लक्ष्य है। जिनमें प्रत्येक कॉर्ड धारकों को जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे है। सभी कार्ड धारकों को उचित मूल्य दुकानों से राष्ट्रीय खाद सुरक्षा अधिनियम (NFSA)के नियम का पालन करते हुए उन उपभोक्ताओं को रियायती दरों पर प्रति व्यक्ति हर माह खाद्यान्न उपलब्ध हो पाए। अंत्योदय अन्न योजना तहत प्रति व्यक्ति 35 किलो ग्राम राशन प्रदान किया जाता है। सभी उपभोक्ताओं को बायोमैट्रिक सत्यापन के बाद ही खाद्यान्न राशन दुकान से उपलब्ध हो पाए। लेकिन निवास तहसील में कई राशन दुकानों में अनियमितता की शिकायत लगातार मिल रही है। मामला है निवास तहसील के ग्राम पंचायत हरिसिंगौरी के ग्राम कुसमी का जहां लोग राशन के लिए भटक रहे है।
वही मंडला जिला बैगा आदिवासी बाहुल्य समुदाय के लोग अधिकांश निवास करते है। केंद्र राज्य सरकार योजना का लाभ पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करते है, ताकि योजना का लाभ पूरी तरह से मिल पाए। लेकिन ग्राम कुसमी में 4 माह से राशन हितगाहियों को नहीं मिला, जिसके कारण लोग राशन खाद्यान्न पाने के लिए दर दर की भटकते नजर आ रहे है।जिसकी शिकायत हितग्राहियों ने निवास अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) निवास से जनसुनवाई में की गई। ग्रामीणों का कहना है, कि पहले खाद्यान्न सही तरीके से मिल पाता है। जिनके कारण हम लोग परेशान है। क्योंकि पहले राशन शासकीय उचित मूल्य दुकान गज्जीदेवरी से मिलता था, जो सही समय में मिल जाता था।
वही जब से स्वसहायता समूह द्वारा वितरण किया जा रहा है। जबसे अनियमिताएं लगातार पाई जा रही है,जिसके कारण राशन कुछ लोगों को मिल पाता है, कुछ को नहीं मिलता। हितगहियों ने आरोप लगाए है । समूह या सेल्समैन द्वारा फिंगर प्रिंट पीओसी मशीन में घर घर जाकर पहले से ही लगवा लिया जाता है, फिर बाद में राशन नहीं दिया जाता है।
आखिर जब फिंगर प्रिंट लिया गया तो राशन गया कहां?। यदि खाद्यान्न स्टॉक में है तो क्यों वितरण नहीं किया गया । यह सबसे बड़ा जांच का विषय है।आखिर 4 माह का राशन हितगाहियों को अभी तक क्यों नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाए है कि खाद्यान्न 35 किलो हर माह मिलता है। लेकिन 10 किलों कम करके लोगो को दिया जाता है । बरसात के मौसम में मजदुरी नहीं मिलने के कारण लोग भरण पोषण की गंभीर समस्या बन गई है।दूसरी तरफ आदिवासी बैगा समुदाय के लोग राशन नहीं मिलने से दुकान से खरीद कर खाने को मजबूर है। राशन नहीं मिलने से बैगा समुदाय परेशान हो रहे है। पर अब देखने वाली बात यह है कि स्थानीय शासन प्रशासन के द्वारा मामंले संज्ञान लेने के बाद भी क्या कार्यवाही की जाती है।
इनका कहना है…
जांच करने के लिए बोला हूँ अनियमिताएं पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी।
सी एल वर्मा
अनुविभागीय अधिकारी निवास
दुकान की जांच करके, जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर दिया हूं।
गगन चौकसे
फूड इंस्फेक्टर निवास मंडला