पहले दिन 56 गांवों में आयोजित हुआ” कृषक भाईचारा शिविर” “अंतिम छोर पर बसे बर्थना गांव से हुई अभियान की शुरुवात” “एस डी एम ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ “

रेवांचल टाइम्स बजाग – एस डी एम रामबाबू देवांगन की अनूठी पहल “कृषक भाईचारा अभियान” कार्यक्रम पहले दिवस अनुभाग के 56 गांवों में आयोजित किया गया ।अभियान का शुभारंभ मप्र और छग़ की सीमा पर करंजिया विख.के अंतिम छोर पर बसे ग्राम पंचायत पंडरीपानी के बैंगा बाहुल्य ग्राम बर्थना से किया गया। जहां एस डी एम द्वारा स्वयं आमजनो के बीच पहुंचकर अभियान की शुरुवात की गई ।इस दौरान बर्थना के प्राथमिक शाला परिसर में जनकल्याणकारी शिवर लगाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम दीप प्रज्वलित कर व विधिविधान से पूजा पाठ कर किया गया। इस मौके पर संबंधित क्षेत्र के पटवारी, स्वास्थ्य विभाग का अमला,पशु चिकित्सा विभाग,कृषि विभाग,महिला एवं बाल विकास,ग्राम पंचायत के कर्मचारी एवं पदाधिकारी सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे। शिविर में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गई। आयोजन अवसर पर एस डी एम ने कृषकों एवं ग्रामीणों से मुखातिब होते हुए जनसंवाद किया। जहां पर उन्होंने कृषकों को शासन से मिलने वाले लाभ एवं जनकल्याण कारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पात्र किसान व हितग्राही कृषि विभाग और पशुपालन विभाग से मिलने वाले लाभ शिविर के माध्यम से आवेदन देकर प्राप्त कर सकते है तथा किसान योजनाओं का लाभ प्राप्त कर खेती को लाभ का धंधा बना सकते है एस डी एम ने ग्रामीण व कृषकों को सरल भाषा में बताया कि किसी भी प्रकार की समस्या आने पर पटवारी एवं संबंधित विभाग के कर्मचारीयो को इसकी जानकारी दे।जो कि आपका निरंतर सहयोग करने तैयार रहेंगे । उन्होंने यह भी कहा कि पात्र किसान तथा, अन्य हितग्राहियों को योजना का लाभ लेने में किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए कृषक भाईचारा एवं जागरूकता अभियान लगातार चलाया जाएगा है। शिविर में हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया गया। बर्थना में बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी विस्तार पूर्वक प्रदाय की गई। शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिसन का स्टॉल भी लगाया गया।इसी कार्यक्रम के तहत तहसीलदार भरत सिंह बट्टे की उपस्थिति में बजाग विकासखंड के ग्राम घोपतपर में भी शिवर का आयोजन किया गया। करंजिया एवं बजाग विख . के 56 गांवों में शिवर लगाकर अभियान की शुरुवात की गई है। और यह अभियान निरंतर 197 गांवों में चलाया जाएगा।