षड्यंत्र ध्वस्त: पुत्र को मिली निर्दोषता, पटेल दंपति ने पुलिस पर बोला तीखा हमला

रेवांचल टाईम्स| यायालय ने पुष्पराज पटेल को बरी किया – जोबट विधायक श्रीमती सेना महेश पटेल और आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

आलीराजपुर। जिले की राजनीति में हलचल पैदा करने वाले बहुचर्चित प्रकरण में न्यायालय ने जोबट विधायक श्रीमती सेना महेश पटेल और आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल के पुत्र पुष्पराज पटेल को बरी कर दिया है।

न्यायालय के इस निर्णय के बाद दंपति ने प्रेस वार्ता कर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने न्यायालय का आभार जताते हुए कहा कि यह मुकदमा पूरी तरह से राजनीतिक षड्यंत्र और पुलिस की मनगढ़ंत कार्यवाही का परिणाम था।

परिवार और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुँचाने की साजिश

महेश पटेल ने कहा कि तत्कालीन एसपी राजेश व्यास और एडिशनल एसपी व टीआई ने राजनीतिक दबाव में आकर पुत्र पर हत्या का मामला दर्ज कर दिया, जबकि पूरा घटनाक्रम केवल एक दुर्घटना था। उन्होंने घोषणा की कि इन अधिकारियों के विरुद्ध शीघ्र ही मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।

पटेल का कहना था कि इस प्रकरण के पीछे उनके परिवार की छवि धूमिल करने और राजनीतिक रूप से नुकसान पहुँचाने की साजिश थी।

“सत्य परेशान हो सकता है, पर पराजित नहीं”

महेश पटेल ने कहा कि 13 जुलाई 2025 को हुई दुर्घटना को पुलिस ने जबरन हत्या का मामला बना दिया। इससे पहले भी आत्महत्या के एक मामले में पुष्पराज को राजनीतिक दबाव के चलते झूठे आरोपों का सामना करना पड़ा था।

उन्होंने कहा —
“सत्य परेशान हो सकता है, पर कभी पराजित नहीं। पूर्व में भी न्यायालय ने पुष्पराज को दोषमुक्त किया था और इस बार भी न्यायालय ने पुलिस की साजिश को खारिज करते हुए उन्हें बरी किया है।”

न्यायालय ने दिए स्पष्ट निष्कर्ष

न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि –

धारा 307 एवं 109 (बीएनएस) जैसे गंभीर अपराध लागू नहीं होते।

विकल एक्ट की धारा 109 लागू नहीं होती।

फरियादी को कोई गंभीर चोट नहीं आई।

किसी हथियार का उपयोग नहीं हुआ।

मेडिकल रिपोर्ट / एमएलसी उपलब्ध नहीं है।

पुलिस डायरी में अपराध सिद्ध नहीं होता।

इन्हीं तथ्यों को आधार बनाकर न्यायालय ने पूरा प्रकरण निरस्त कर दिया।

सरकार और पुलिस पर सीधा हमला

विधायक श्रीमती सेना महेश पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के मंत्री और सांसद चाहे कितना भी दबाव बना लें, वे जनता की सेवा से पीछे नहीं हटेंगे।

विधायक श्रीमती सेना महेश पटेल ने कहा कि अन्य दुर्घटनाओं में सामान्य धाराओं में केस दर्ज होते हैं, जबकि उनके पुत्र पर हत्या जैसी गंभीर धाराएँ लगाई गईं, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण था।

अडिग संकल्प

दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि परिवार की छवि धूमिल करने के ऐसे षड्यंत्र उन्हें विचलित नहीं कर सकते। वे सत्य और न्याय के मार्ग पर डटे रहेंगे और जनता की सेवा पूरी निष्ठा और समर्पण से करते रहेंगे।

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