दुकानदारो से अवैध वसूली, वाहन चालको से कर रहे मारपीट नगर पालिका मंडला के ठेकेदार के वसूली कर्मियों की मनमानी,

 

रेवांचल टाइम्स मंडला- अस्थाई बाजार का ठेका हर वर्ष लाखो रूपए में दिया जाता है। बाजार के साथ सड़क किनारे कई तरह की फुटकर वा स्थाई दुकानो के साथ माल लेकर आने वाले वाहनो से ठेकेदार वसूली करता है लेकिन यहां मंडला में नियम कायदो का कोई पालन नहीं किया जा रहा है। अस्थाई दखल की मनमानी वसूली की जा रही है। यहां तक फुटपाथ चाय सब्जी के ठेले लगाने वालो से बदसलूकी की जा रही है और बाहर से माल लेकर आने वाले वाहन चालको से मारपीट तक की जा रही है। इसको लेकर नगर पालिका मंडला के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार मंडला में अस्थाई दुकानों का फैलाव पहले से कई गुना हो चुका है यहां बाजार के अलावा नगर की मुख्य सड़को पर कई तरह की फुटकर दुकाने लग रही है। इससे यातायात बाधित हो रहा है लेकिन निकाय अपनी आय का साधन बता कर दुकाने लगाने की खुल्ली अनुमति दे रही है। अस्थाई दुकानों से वसूली के लिए हर वर्ष ठेका दिया जाता है। यहां ठेकेदार के वसूली कर्मियों के द्वारा मनमानी वसूली की जा रही है। जबकि ठेका अवधि 01 अप्रेल 2025 से लेकर 31 मार्च 2026 तक कि है जिसमे ठेकेदार को दैनिक बाजार की वसूली के लिए निर्धारित दर तय की गई है जिसमे कपड़ा किराना ,मनिहारी ,गल्ला ,सब्जी दुकान के लिये 10 रुपये वर्गमीटर , वही हाथ ठेलो के लिए 15 रू ,भारी वाहन 100 रू छोटे वाहनो के लिये 30 व 50 रू तय किया गया है पर पर्ची काटने वाले कर्मीयो के द्वारा अस्थाई दखल की रसीद काटी जाती है जिसमे कहि चार तो कही तीन रुपये लिखे जाते है वही कुछ रसीदों में ना ही नाम ना ही दिनांक न ही रुपये लिखा दिखाई देता है और कुछ दुकानदारो को एक ही रसीद नम्बर की दो दुकानदारो को रसीद दी जाती है पर निरखनामा के अनुसार जो राशि तय की गई है उससे बढ़ कर रुपये वसूले जा रहे है वही कुछ दुकानदार को रशीद नही दी जाती है , और रूपए लिए जाते है वही चाय से लेकर चाट फुल्की के ठेले वाले परेशान है। यहां तक ग्रामीण क्षेत्रो से सब्जी विक्रय करने वालो से बदसलूकी की जाती है। मंडला के बाहर से सब्जी या अन्य उत्पाद लेकर आने वाले वाहनो के चालको से मारपीट तक की जा रही है। वही वाहन चालक से ज्यादा रूपए की मांग की गई ना देने पर मारपीट की गई जिसके चलते वाहन चालक के द्वारा वरिष्ट अधिकारियों से शिकायत की गई है इससे अव्यवस्था फैल रही है। ठेेकेदार की गुंडागर्दी की दहशत फैल रही है। इसको लेकर नगर पालिका परिषद के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
तीस रूपए की जगह वसूल रहे पचास रूपए
बताया गया है कि मंडला के बाहर से माल या सब्जी लेकर आने वाले वाहन चालक परेशान है। ठेकेदार के कर्मीयो के द्वारा मनमानी तरीके से वसूली की जा रही है। यहां वाहनो के प्रवेश के लिए पहले तीस रूपए लिए जाते रहे है। लेकिन अब ज्यादा रुपए बसूले जा रहे है वहीं वाहन चालक जितेन्द्र गौंड मितेंन्द्र अहिरवार ने बताया है कि इसी माह में एक सिंतबर तक वाहन प्रवेश करने तीस रूपए लिया गया लेकिन गत दिवस से ठेकेदार के द्वारा जबरन तीस रूपए की जगह बढ़ाकर पचास रूपए वसूल किया गया। जिसका विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई।
ग्रामीण क्षेत्रो में भी वसूली
बताया गया है कि अस्थाई दखल की वसूली का अधिकार ठेकेदार को सिर्फ नगरीय निकाय सीमा तक दिया जाता है लेकिन मनमानी वसूली में उतारू ठेकेदार के द्वारा निकाय सीमा से लगे ग्रामीण व पंचायत क्षेत्र की दुकानो से वसूली की जा रही है। इन वसूली रसीद में स्थान जगह दिनांक का कही कोई अता पता नहीं रहता है। यहां तक रूपए तक नहीं दर्शाया जाता है। इस तरह फुटकर व ठेले गुमठी लगाने वालो से अस्थाई दखल की मनमानी वसूली की जा रही है। इस पर नगर पालिका का कोई नियंत्रण नहीं है।क्या इस अवैध वसूली पर नगर पालिका का नियंत्रण होगा या सामने आयगी साठगाँठ।

इनका कहना
मुझे इस संबंध में जानकारी नही है आप के द्वारा मुझे जानकारी प्राप्त हुई है जांच कराई जायेगी।

गजानन नाफड़े
मुख्य नगर पालिका अधिकारी मंडला

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