प्रधानमंत्री की योजनाओं का बुरा हाल… किसानों से छलावा, अफसरों की नींद नहीं टूटी
सम्मान निधि से वंचित अधिकांश किसान, काग़ज़ी खानापूर्ति और झूठे आश्वासन बन गए “सिस्टम”
रेवांचल टाईम्स – मंडला प्रधानमंत्री की सबसे चर्चित और किसानों की रीढ़ मानी जाने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना मंडला जिले में बदहाल और विफल साबित हो रही है। अधिकांश किसानों का पंजीयन ही नहीं हो पा रहा है, जो किसान सेल्फ रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं उन्हें भी अब तक एक रुपया तक नहीं मिला। अफसरों के ढुलमुल रवैये और भ्रष्ट तंत्र की वजह से किसानों की उम्मीदें धूल में मिल रही हैं।
पंजीयन पूरा – फिर भी राशि गायब
नैनपुर तहसील के किसान मनोज सिंह का कहना है कि उन्होंने अपनी माँ के निधन के बाद सभी ज़रूरी दस्तावेज़ तहसील कार्यालय में जमा कर दिए। माँ को यह राशि मिल रही थी, फौती काटने के बाद यह उनके नाम होना चाहिए था। लेकिन महीनों बीतने के बावजूद अब तक उनके खाते में सम्मान निधि की राशि नहीं आई।
उन्होंने बताया कि उनके छोटे भाई-बहन सहित परिवार ने दो बार सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की, लेकिन हर बार राजस्व विभाग नैनपुर ने शिकायत यह कहकर बंद कर दी कि “अगली बार से राशि मिलने लगेगी”। लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ।
किसानों की लूट – योजनाओं का हश्र
कई किसानों ने खुद ऑनलाइन पंजीयन किया, पर भुगतान ठप पड़ा है।
तहसील और पटवारी दफ़्तर सिर्फ़ काग़ज़ जमा करवा रहे हैं, कोई जवाब नहीं।
सीएम हेल्पलाइन भी सिर्फ़ शिकायत बंद करने का औज़ार बनकर रह गई है।
किसानों को मिलने वाली हर किस्त पर “प्रशासनिक नींद” भारी पड़ रही है।
जनाक्रोश – “सम्मान निधि नहीं, अपमान निधि बन गई योजना”
वही ग्रामीणों किसानों का कहना है कि प्रधानमंत्री के नाम पर चलाई जा रही योजनाएँ ज़मीनी स्तर पर दम तोड़ रही हैं। किसानों को सम्मान निधि भी नहीं मिल रही, उल्टे उन्हें हर बार “अगली बार” का झुनझुना थमा दिया जाता है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल जाँच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई और सभी पात्र किसानों को योजना का लाभ नहीं मिला, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।