पेट्रोल पंपों पर खुला खेल – सरकार का संरक्षण, गड़बड़ियों पर पर्दा! व्यवस्थाएं ठप्प
कम पेट्रोल, सुविधाओं का टोटा – संचालकों की मनमानी से त्रस्त नागरिक, कब होगी सख्त जांच?
रेवाँचल टाईम्स- मंडला जिले में पेट्रोल पंप अब नागरिकों की जरूरत पूरी करने की जगह मनमानी का अड्डा बन गए हैं। हालात ये हैं कि कम पेट्रोल, सुविधाओं का अभाव और उपभोक्ताओं से विवाद – यह रोज़ की कहानी बन गई है। जहाँ न पानी न हवा और ही साफ़ सफ़ाई वाला शोचालय और जम के चल रही मनमानी
गड़बड़ियों की लंबी फेहरिस्त –
वाहनों में हवा भरने की सुविधा नहीं।
पीने के पानी और शौचालय की व्यवस्था नदारद।
कई पंपों पर छत तक नहीं बनी।
जहां सुविधाएं हैं, वहां उनका इस्तेमाल नहीं।
पेट्रोल कम मात्रा में देना आम बात।
नागरिकों का आरोप है कि पेट्रोल पंप संचालकों को सरकार और प्रशासन का संरक्षण मिला हुआ है, इसी वजह से उनकी मनमानी पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है। विरोध करने पर उपभोक्ताओं के साथ बदसलूकी और विवाद की नौबत आ जाती है।
लोगों ने साफ कहा है कि –
सभी पेट्रोल पंपों की तत्काल जांच की जाए।
नियमित मॉनिटरिंग और निरीक्षण हो।
सुविधाओं की कमी दूर की जाए।
सवाल साफ है – जब नागरिक पैसे पूरे दे रहे हैं, तो उन्हें सुविधाएं आधी-अधूरी क्यों मिल रही हैं? आखिर पेट्रोल पंप संचालकों पर कार्रवाई कब होगी?