उपसंचालक शिक्षा मंडल की भूमि पर प्रशासन से गठजोड़ कर रसूखदार ने कर लिया अवैध कब्जा, ग्रामीणों में आक्रोश

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रेवांचल टाइम्स – मंडला, जिले में चहू ओर खाली पड़ी शासकीय भूमि में बेजा अबेध कब्ज़ा स्थानीय प्रशासन और अपनी वज़नदारी से किसी भी सरकारी आवास हो कोई भी सरकारी स्कूल की भूमि हो या फिर कोई भी सरकारी भवन उसके रसूखदार अपने राजनीति संरक्षण और पैसो के बल बुतो पर रसूखदार लगातार सरकारी भूमि में अपना कब्जा जमा रहें और स्थानीय प्रशासन लेकर जिला प्रशासन केवल शिकायत कर्ता ओ को जाच का झुनझुना थमा कर शांत कर रहे है और फिर खेल शुरू होता है उस सरकारी भूमि में होता है मोलभाव नहीं होती जाच येसा ही एक मामला जिले की तहसील घुघरी के ग्राम पंचायत सलवाह में जहाँ एक रसूखदार अपने पेसो और राजनीति संरक्षण के बल सालों पुराने शासकीय भवनों को तोड़ कर अपनी दुकाने बनवा रहें है और जब ग्रामीणों आपत्ति जताई तो पटवारी पंचायत और थाने से बल पहुँच कार्य बंद करने आदेश और नोटिस भी दी पर मजाल है कोई काम बंद करवा सके कार्य आज भी जारी है ।
वही सूत्रो से प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। यह भूमि शिक्षा उपसंचालक शिक्षा मंडल के पट्टे में दर्ज है, जिसमें हाट बाजार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सीएम राइज स्कूल, छात्रावास एवं सोसायटी गोदाम जैसे जनहितैषी निर्माण कार्य किये जा सकते है किंतु, कुछ स्थानीय और बाहरी प्रभावशाली लोगों द्वारा इस भूमि पर अवैध कब्जा कर निजी भवनों का निर्माण कार्य तेज़ी से किया जा रहा है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन मौन है। निर्माण कार्य रुकवाने के लिए कई बार शिकायतें की गईं, यहां तक कि एसडीएम कोर्ट से नोटिस जारी होने के बाद भी निर्माण कार्य नहीं रोका गया। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
शासकीय भवनों को तोड़कर बन रहे निजी दुकान भवन
ग्रामवासियों के अनुसार, शासकीय भूमि पर पुराने सरकारी भवन पहले से बने हुए थे, जिनका उपयोग कभी शिक्षा, भंडारण या अन्य सरकारी कार्यों के लिए किया जाता था। वर्तमान में इन भवनों को तोड़कर वहाँ निजी मकानों का निर्माण शुरू कर दिया गया है। और पक्के निर्माण भी प्रारंभ हो गए हैं।
कुछ लोगों ने कथित रूप से राजनीतिक संरक्षण लेकर भूमि के टुकड़ों पर कब्जा जमाया है। बिना किसी वैध दस्तावेज़ के निर्माण कर रहे इन लोगों के खिलाफ अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे अतिक्रमणकारी और अधिक हौसले में नजर आ रहे हैं।
प्रस्तावित विकास कार्यों पर संकट
शासकीय भूमि पर हो रहे इस अवैध कब्जे के चलते ग्राम पंचायत सलवाह में प्रस्तावित कई महत्वपूर्ण विकास योजनाएं अधर में लटक गई हैं। ग्रामवासियों के अनुसार:
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया जाना था, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो पातीं।सीएम राइज स्कूल: प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षण संस्थानों की स्थापना की जानी थी, जिसमें अत्याधुनिक सुविधाओं सहित छात्रावास का निर्माण किया जा सकता है
छात्रावास भवन ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और सुलभ आवास की व्यवस्था हेतु छात्रावास का निर्माण किया जा सकता है , जिससे अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के बच्चों को लाभ मिलता।
सहकारी समिति का गोदाम किसानों के अनाज भंडारण एवं विपणन के लिए एक बड़ा गोदाम भी बनाया जा सकता है , जिससे कृषि उत्पादन की गुणवत्ता और विपणन दोनों में सुधार हो सकता था।इन सभी कार्यों के लिए चयनित भूमि अब अतिक्रमण की चपेट में है, जिससे समूचे ग्राम विकास की प्रक्रिया रुक गई है।
ग्रामीणों ने की कलेक्टर से शिकायत
स्थानीय प्रशासन से निराश हो चुके ग्रामवासियों ने हाल ही में जिला कलेक्टर के समक्ष सामूहिक रूप से उपस्थित होकर आवेदन दिया । ग्रामीणों ने मांग की कि शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण को तत्काल रोका जाए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि आगामी 15 दिवसों के भीतर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो समस्त ग्रामवासी आंदोलन के लिए विवश होंगे। इस आंदोलन की समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों को अवैध निर्माण की जानकारी होते हुए भी कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई, जिससे साफ है कि राजनीतिक दबाव के चलते मामले को टालमटोल किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, जब पहली बार अवैध निर्माण की शुरुआत हुई, तब ही एसडीएम को मौखिक एवं लिखित रूप से सूचना दी थी। इसके बाद एसडीएम कोर्ट से नोटिस भी जारी हुआ, किंतु निर्माण कार्य नहीं रोका गया।
अब स्थिति यह है कि अतिक्रमणकारी रात के समय भी निर्माण कार्य करवा रहे हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है मानो उन्हें प्रशासन से किसी तरह का भय नहीं है।अवैध कब्जे का प्रभाव सिर्फ जमीन नहीं, विकास पर भी कुठाराघात शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे का मामला केवल एक जमीन विवाद नहीं है, यह समूचे क्षेत्र के विकास पर एक गहरा कुठाराघात है। यदि यह भूमि मुक्त नहीं कराई जाती, तो आने वाले वर्षों में सलवाह गांव का बुनियादी ढांचा एवं सामाजिक विकास ढ़प्प हो सकता है। बच्चों की शिक्षा, ग्रामीणों की स्वास्थ्य सेवाएं, किसानों के संसाधन सबकुछ प्रभावित होगा उपसंचालक शिक्षा मंडल के अंतर्गत दर्ज शासकीय भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।वर्तमान निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।शासन-प्रशासन को चाहिए कि वे ग्रामीणों की आवाज को गंभीरता से लें और जनहित में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करे।

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