ग्रामीण रोजगार व सतत कृषि को बढ़ावा देने विकासखंड बिछिया में प्रशिक्षण
रेवांचल टाइम्स मण्डला एएफसी इंडिया लिमिटेड, देश की एक अग्रणी सेवा प्रदाता एजेंसी के रूप में, परम्परागत कृषि विकास योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए लगातार उल्लेखनीय प्रयास कर रही है। कंपनी ने मण्डला, डिंडोरी, उमरिया और जबलपुर जिलों में परियोजना गतिविधियों को गति देने के लिए कुशल कार्मिकों की तैनाती की है। परियोजना के अंतर्गत स्थानीय स्तर पर संसाधन व्यक्तियों को भी जोड़ा गया है, जिससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं और परियोजना की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित हुई है। इन संसाधन व्यक्तियों के माध्यम से एफपीओ लिंकजेस तथा पीजीएस-इंडिया आधारित प्रमाणन गतिविधियाँ सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं। अब तक लगभग 5000 किसान इस योजना से सीधे लाभान्वित हुए है। एएफसी इंडिया लिमिटेड द्वारा परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत किसानों का प्रशिक्षण विकासखंड बिछिया जिला मंडला में किया गया जिसमें योजना में पंजीकृत लगभग 100 किसान सम्मिलित हुए। प्रशिक्षण एएफसी के तकनीकी विशेषज्ञ एवं केवीके के वैज्ञानिकों द्वारा दिया गया।विपणन सहायता से उनकी खेती की लागत में आई कमी
किसानों ने बताया कि एएफसी इंडिया लिमिटेड द्वारा संगठित प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और विपणन सहायता से उनकी खेती की लागत में कमी आई है तथा उत्पाद की गुणवत्ता और आय में सुधार हुआ है। स्थानीय किसानों द्वारा बताया गया की एएफसी इंडिया लिमिटेड के प्रयासों से हमें प्राकृतिक खेती और जैविक प्रमाणन के बारे में गहन जानकारी मिली है। एएफसी इंडिया लिमिटेड के परियोजना प्रभारी उमेश सोनी ने बताया कि किसानों को संगठित कर एफपीओ से जोड़ा गया है, ताकि वे सामूहिक विपणन, प्रमाणन और आय बढ़ाने वाले कृषि उपायों का लाभ ले सकें। कंपनी ने यह भी सुनिश्चित किया है कि परियोजना के हर चरण में किसानों की सक्रिय भागीदारी और पारदर्शिता बनी रहे। यह पहल केंद्र और राज्य सरकार के जैविक खेती को बढ़ावा देने के लक्ष्य के अनुरूप है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।