शिक्षक चयन परीक्षा परिणाम पर महिला अभ्यर्थियों का फूटा आक्रोश
80% से अधिक अंक लाने के बाद भी चयन से बाहर, वेटिंग लिस्ट में फंसी प्रतिभाशाली महिलाएं
रेवांचल टाईम्स – मंडला, शिक्षक चयन परीक्षा वर्ग-2 का परिणाम घोषित होते ही महिला अभ्यर्थियों में भारी निराशा और आक्रोश देखने को मिल रहा है। लंबे इंतजार के बाद आया यह परिणाम महिलाओं के लिए झटका साबित हुआ है। सरकार जहाँ एक ओर मंचों से महिला आरक्षण और सशक्तिकरण की बातें करती है, वहीं धरातल पर योग्य व प्रतिभाशाली महिलाओं की घोर उपेक्षा की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, 80% से अधिक अंक लाने वाली अनेक महिला अभ्यर्थी भी चयन सूची से बाहर कर दी गईं और उन्हें मात्र वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया है। सवाल यह है कि आखिर इनका चयन कब होगा और क्या वेटिंग में नाम डालकर सरकार महिलाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर रही है?
महिला अभ्यर्थियों का आरोप है कि अतिथि शिक्षक के रूप में वर्षों का अनुभव रखने वाली और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने वाली महिलाएं भी चयन से वंचित रह गईं। ऐसे में यह स्थिति न केवल महिलाओं की प्रतिभा का अपमान है बल्कि सरकार के महिला आरक्षण संबंधी दावों पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
“योग्य होते हुए भी हमें वेटिंग में रखा गया है। 80% से ऊपर अंक लाने के बाद भी चयन नहीं होना अन्याय है। सरकार तत्काल निर्णय लेकर हमें स्थानीय जिलों या नजदीकी जिलों में पदस्थापना दे।” – महिला अभ्यर्थियों का यह सीधा संदेश सरकार तक पहुँच रहा है।
वही महिला वर्ग का कहना है कि सरकार को वेटिंग में फंसी सभी महिला अभ्यर्थियों का तत्काल चयन करना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो महिलाओं का आक्रोश सड़कों पर फूटेगा।
जन अपेक्षा है कि सरकार तुरंत हस्तक्षेप कर योग्य महिला अभ्यर्थियों को न्याय दे और वेटिंग लिस्ट में फंसी महिलाओं की पदस्थापना सुनिश्चित करे।