बिना अनुमति लगे 33 केवी विद्युत खंभों पर जनहित याचिका
माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर ने कलेक्टर रीवा सहित अधिकारियों को जारी किए नोटिस, अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को
दैनिक रेवांचल टाइम्स रीवा ग्राम पंचायत दुगावा (जनपद पंचायत गंगेव, जिला रीवा) की सरपंच द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर ने गंभीरता दिखाते हुए कलेक्टर रीवा सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। यह मामला NH-135 के किनारे ग्राम दुगवा-भाटीगवा में 33 केवी विद्युत लाइन के खंभे एवं तार मकानों के समीप बिना अनुमति लगाए जाने से जुड़ा है।
सरपंच दुगावा ने आरोप लगाया है कि मध्य प्रदेश पूर्वी क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जिला मऊगंज द्वारा यह कार्य मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड संभाग रीवा की अनुमति लिए बिना कराया जा रहा है। सरपंच ने शिकायत में कहा कि मकानों के नजदीक 33 केवी लाइन खिंचने से किसी भी समय जनहानि की आशंका बनी रहती है।
शिकायत पर संभागीय प्रबंधक एमपी रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, रीवा उमेश सिंह ने 16 जनवरी 2025 को आदेश जारी कर संबंधित ठेकेदार को कार्य रोकने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद भी ठेकेदार ने काम बंद नहीं किया।
सरपंच का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा न केवल कार्य जारी रखा गया बल्कि फर्जी FIR दर्ज कराने की धमकी भी दी गई। इस पूरे मामले की सूचना कलेक्टर, आयुक्त, एसडीएम, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों को दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद सरपंच ने मामला माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर की शरण में ले जाया। याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने कलेक्टर रीवा एवं अन्य अधिकारियों को जवाब प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किए हैं।
मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर 2025 को होगी।
इस जनहित याचिका की पैरवी अधिवक्ता गोपाल सिंह बघेल द्वारा की जा रही है।9229653295.
7987512717